बता दें कि अगर उस भीड़ में कोई संक्रमित व्यक्ति पहुंचा होगा तो न जाने उससे कितने और लोगों के संक्रमण का खतरा हो सकता है। इस तरह के अंधविश्वास के कारण एक बार फिर स्थिति बेकाबू हो सकती है।
राजगढ़/मध्यप्रदेश।
कोरोना कर्फ्यू के अनलॉक होने के साथ ही चाटुखेड़ा गांव में अंधविश्वास भी अनलॉक हो गया। अंधविश्वास के चलते फैली एक अफवाह से हजारों लोग जमा हो गए। न तो सोशल डिस्टेंसिंग दिखी और हैरानी की बात तो ये है अंधविश्वास में जकड़े गांव के लोगों पानी को ही कोरोना का तोड़ मान लिया और अब मास्क तक नहीं लगा रहे हैं। अंधविश्वास की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो वायरल होने के बाद राजगढ़ एसडीएम पल्लवी वैद्य ने कहा है कि लॉक डाउन खोला गया है लेकिन उसमें तमाम तरह की पाबंदियां हैं। लेकिन जिस तरह का यह वीडियो सामने आया है वह बहुत ही आश्चर्यजनक है इसमें जो भी आयोजक हैं उनके खिलाफ एफआईआर करवाई जा रही है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,राजगढ़ के जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर ग्राम चाटूखेड़ा में अनलॉक के पहले ही दिन मंगलवार को अंधविश्वास दिखा। यहां कोरोना गाइडलाइन को दरकिनार कर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों व ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार को चाटूखेड़ा मंदिर परिसर में सुबह करीब 11-12 बजे गांव की दो महिलाओं के शरीर में कथित देव परियों के आने से बड़ी संख्या में वहां भीड़ जमा हो गई। देखते ही देखते सैकड़ों महिला-पुरुष मंदिर परिसर के बाहर इकट्ठे हो गए।
देव परियों की खबर आग की तरह फैली
जानकारी के अनुसार इन परियों ने ग्रामीणों के ऊपर पानी छिड़क कर इन्हें मंदिर का जल पीने को कहा। ग्रामीणों से कहा- यह जल पी लो, किसी को कोरोना वायरस छू भी नहीं सकेगा। जिन्हें कोरोना है, वह ठीक हो जाएंगे। उन्हें दोबारा कभी नहीं होगा।
देखते ही देखते यह खबर कस्बे समेत आसपास के गांव में फैल गई। दोपहर को वहां भीड़ इकट्ठी हो गई। इसे लापरवाही कहें या अंधविश्वास, लेकिन भीड़ को देखते हुए लगता है, इन्हें कोरोना का कतई डर नहीं है। यहां लोगों ने जल पीने के दौरान न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया और ना ही भीड़ में मास्क लगाया।
पुलिस अधीक्षक राजगढ़ का कहना
खबर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजगढ़ कलेक्टर नीरज कुमार सिंह व एसपी प्रदीप शर्मा ने तत्काल चाटुखेडा गांव में पुलिस फोर्स को भेजा और आस्था के नाम पर जमा लोगों की भीड़ को वहां से हटाया गया। इसी के साथ पुलिस ने अंधविश्वास फैलाकर भीड़ को इकट्ठा करने के मामले में दो महिलाओं और दो पुरुषों पर मामला दर्ज किया है।
