बता दें कि 17 लाख रुपए कार्यपालन यंत्री ने रिश्वत के रूप में मांगा था। पहली किस्त के रूप में 5 लाख पूर्व में ही ले लिए गए थे। सोमवार को 50 हजार नगद और 11.50 लाख रुपए सेल्फ चेक ( इस बाबत कि कल उसे नगद राशि मिलते ही चेक लौटा दिया जाएगा) लेते हुए लोकायुक्त ने रंगे हाथों दबोचा।
इंदौर/मध्यप्रदेश।
लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 12 लाख की रिश्वत के साथ भ्रष्ट अधिकारी को गिरफ्तार किया है । अधिकारी ने 1 करोड़ से अधिक के बिल को पास करने के एवज में फरियादी से रिश्वत मांगी थी। इंदौर लोकायुक्त ने सोमवार शाम पालिका प्लाजा स्थित कंपाउंड में कार्रवाई कर भ्रष्ट अधिकारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
लोकायुक्त पुलिस ने नेशनल हेल्थ मिशन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राकेश कुमार सिंघल को भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त पुलिस ने छापामार कार्रवाई के दौरान राकेश कुमार को 12 लाख रुपए (50 हज़ार नगद एवं 11.50 लाख रुपए का चेक) रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,इंदौर की आरडी कंस्ट्रक्शन ने इंदौर-उज्जैन संभाग के जिलों में नलकूप खनन का काम किया था। कंपनी ने एक करोड़ 74 लाख का काम किया लेकिन इसका भुगतान अदालत में लंबित है। काम के बदले उसे विभाग द्वारा एक करोड़़ 30 लाख रुपए का भुगतान किया गया जिसमें से आरडी और सुरक्षा निधि की राशि काटकर एक करोड़ पांच लाख की राशि कंपनी को प्राप्त हुई। इसके भुकतान के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यपालन यंत्री (Executive engineer) राकेश कुमार सिंघल पिता मांगीलाल सिंघल ने एक करोड़ पांच लाख की राशि के बदले आवेदक से 17 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। जिसके बाद
योजना के मुताबिक लोकायुक्त ने पहले रिकॉर्डडिंग करवाई और पालिका प्लाजा के नियत स्थान पर साढ़े 11 लाख रुपए का चेक और 50 हज़ार रुपये नगद लेते हुए भ्रष्ट कार्यपालन यंत्री को गिरफ्तार कर लिया।

इनका कहना
लोकायुक्त डीएसपी प्रवीण सिंह बघेल ने बताया कि कार्यपालन यंत्री स्वास्थ्य राकेश कुमार सिंघल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारणअधिनियम के तहत केस दर्ज जांच शुरू कर दी है।
