बता दें कि एसडीएम श्री पांडे के निधन की यह खबर सुनते ही पूरे जिले के प्रशासनिक एवं मीडिया जगत में दुख की लहर छा गई हैं। सूत्र यह भी बताते हैं कि डबरा में एक कद्दावर नेता से उनकी कहासुनी भी हुई थी और वे काफी दुखी और सदमे में थे इस कारण से उन्होंने अपना ट्रांसफर डबरा से दतिया करा लिया था। जोइनिंग लेने से पहले वह संक्रमित हो गए और ग्वालियर मैं इलाज कराने के बाद गंभीर हालत में उन्हें दिल्ली के मेदांता हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जिसके बाद आज सुबह उनका देहांत हो गया है।
डबरा/ग्वालियर/मप्र।
मध्यप्रदेश में कोरोना के मामले लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। सोमवार को भी प्रदेश में 1957 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिससे प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या 1,24,166 पहुंच गई है। वहीं पिछले 24 घंटे में 35 मरीज कोरोना से जिंदगी की जंग हार चुके हैं। मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले की डबरा तहसील के एसडीएम राघवेंद्र पांडे का इलाज के दौरान आज सुबह 8 बजे दिल्ली के मेदांता अस्पताल में दुखद निधन हो गया श्री पांडे करीब दो सप्ताह पहले कोरोना पॉजिटिव हुए थे। एसडीएम श्री पांडे के निधन से प्रशासन और मीडिया जगत में शोक छा गया है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार डबरा में एसडीएम के पद पर कार्यरत राघवेंद्र पांडे दो हफ्ते पहले तबियत खराब होने के बाद जांच में कोरोना संक्रमित पाये गये थे और उन्हें एक सप्ताह पहले कोविड-19 का इलाज के लिये दिल्ली के मेंदांता हॉस्पिटल में भर्ती थे जहां तीन दिन पहले उन्हें प्लाज्मा भी चढ़ाया गया था लेकिन लग्स में संक्रमण होने की बजह से लगता है उनकी हालत में सुधार नही हुआ और आज सुबह 8 बजे उनका निधन हो गया है। उनके निधन की ग्वालियर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने पुष्टि की है। जैसा कि एसडीएम श्री पांडे कोरोना संकट के दौरान डबरा में लगातार संक्रिय रहे और उन्होंने खतरा होने के बावजूद अपने कर्तव्यों का निर्वाहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी से किया आप एक सहृदय और सरल प्रकृति के व्यक्तित्व के प्रशासनिक अधिकारी थे और उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के मूल निवासी थे।
बताया जाता है डबरा के उपचुनाव में उन्होंने अपनी कार्यकुशलता का परिचय दिया और कोरोना संक्रमण की घड़ी में भी उन्होंने राजनीतिक पार्टियों के प्रचार प्रसार और सभाओं की व्यवस्थाएं संभालनी पड़ी थी। इस बीच वे कोरोनावायरस के चपेट में आने से वह संक्रमित हो गए थे।
