बता दें कि निकाय चुनावों से पहले मध्यप्रदेश में पुलिसकर्मियों को प्रमोशन (Promotion) देने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में एक बार फिर थोकबंद पुलिसकर्मियों को प्रमोशन दिया गया है। सोमवार को जारी आदेश के अनुसार, इसमें 150 टीआई को कार्यवाहक डीएसपी (DSP) का प्रभार दिया गया है।
भोपाल/मध्यप्रदेश।
मध्य प्रदेश सरकार के गृह विभाग ने सोमवार को 150 निरीक्षक से कार्यवाहक डीएसपी के पोस्टिंग के आदेश जारी किए है। इस पदस्थापना आदेश से लंबित पढ़े गंभीर मामलों की जांच में तेजी आएगी। दरअसल गंभीर मामलों की जांच में जांच अधिकारी डीएसपी रैंक के अधिकारियों को बनाया जाता है।
प्रमोशन में आरक्षक का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के चलते राज्य सरकार ने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रमोशन देने का रास्ता निकाला है। जिसके तहत अधिकारियों और कर्मचारियों काे एक ऊपर पद पर कार्यवाहक के तौर पर पदस्थ करने का निर्णय लिया था। इससे पहले आरक्षकों को प्रधान आरक्षक, प्रधान आरक्षक को सहायक उप निरीक्षक और उप निरीक्षक को निरीक्षक के पद पर पदोन्नत करने के लिए यही प्रक्रिया अपनाई गई।
गृह विभाग की तरफ से उप सचिव अन्नू भलावी के हस्ताक्षर से शर्तों के साथ निरीक्षक से कार्यवाहक डीएसपी का प्रभार सौंपे जाने संबंधी आदेश जारी किए। इसके अनुसार प्रभार सौंपे जाने संबंधी कोई न्यायालय वाद अथवा कोई विवाद उत्पन्न होता है। तो उस विवाद का निराकरण पुलिस मुख्यालय स्तर पर किया जाएगा। सूची में सम्मिलित निरीक्षक को कार्यवाहक डीएसपी का प्रभार सौंपे जाने के आदेश जारी करने के पूर्व संबंधित के विरुद्ध वर्तमान में विभागीय जांच/अपराधिक प्रकरण/ दंड की जानकारी प्राप्त होने के बाद ही आदेश जारी किए जाएंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सूची में सम्मलित कोई निरीक्षक सेवा निवृत्त तो नहीं हो गया है। ऐसी स्थिति में उसे कार्यवाहक डीएसपी का कार्यभार सौंपने संबंधी आदेश जारी नहीं किए जाएंगे।
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