इंदौर/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के इंदौर शहर की 15वीं बटालियन के एक आरक्षक ने गुरुवार को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पत्नी के पांच दिन पहले मायके जाने के बाद वह अपने माता-पिता के पास रहने प्रथम वाहिनी में आ गया था। आरक्षक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। परिजन ने भी आत्महत्या के कारण पर अनभिज्ञता जताई है। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर मामले को जांच में लिया है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,शहर क्षेत्र से एक आरक्षक द्वारा आत्महत्या करने की खबर सामने आईं है। जिसमें आज गुरुवार को परिजन उठे और कमरे में गए और देखा तो आरक्षक पंखे पर लटक रहा था। बताया जा रहा है कि, मृतक धीरेंद्र पिता लाल सिंह दिवाकर ( 32 साल) 15वीं बटालियन में आरक्षक के पद पर पदस्थ था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को संज्ञान में लिया।
सदर बाजार थाने के एसआई अजय कुमार मारको ने बताया कि 32 साल का धीरेंद्र पिता लाल सिंह दिवाकर 15वीं बटालियन में आरक्षक के पद पर पदस्थ था। उसके पिता भी प्रथम वाहिनी में एसआई के पद पर पदस्थ हैं। पांच दिन पहले धीरेंद्र की पत्नी मायके गई थी। पत्नी के जाने के बाद वह अपने माता-पिता और भाई के पास रहने प्रथम वाहिनी में आ गया था। गुरुवार को परिजन उठे और कमरे में गए तो वह पंखे पर लटक रहा था। सूचना के बाद मौके पहुंचे और जांच की तो कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। परिजनों से भी पूछताछ की गई तो उन्होंने भी कारण को लेकर अनभिज्ञता जाहिर की। शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि वह शराब का सेवन करता था। उसका मोबाइल जब्त कर लिया है।
