सतना/मध्यप्रदेश।
राजस्थान के धौलपुर से भूसे वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली में शराब छुपाकर मध्यप्रदेश के शहडोल जा रहे तस्करों को कार्यवाही का भय दिखाकर लाखों की रकम वसूलने के मामले में पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने एफआइआर दर्ज कराई है। इसके पहले संदिग्ध भूमिका समझ आने पर आरक्षक को निलंबित कर दिया गया था। वर्दी को दागदार करने वाले इस अपराध में सतना और रीवा जिले के आरक्षक शामिल हैं। दो आरक्षकों समेत चार के खिलाफ अपराध सिटी कोतवाली सतना में दर्ज करते हुए विवेचना एसडीओपी मैहर हिमाली सोनी को दी गई है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,अमरपाटन थाना पुलिस ने शनिवार को शराब तस्करी के मामले में आरोपी रमेश जायसवाल पुत्र भूरा जायसवाल (22) निवासी खारा थाना रामपुर नैकिन जिला सीधी व ट्रैक्टर चालक श्याम जायसवाल पुत्र प्रदीप जायसवाल (25) निवासी डिलौरा टिकुरिया टोला सतना को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 69 पेटी शराब जब्त करते हुए आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत कार्रवाही की गई है। इन दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। दोनों आरोपी 25 मई को अदालत में पेश किए जाएंगे। इन्हीं आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि पकड़े जाने से पहले उनसे लाखों की रकम वसूली गई थी। शराब की पेटियां ले जाने का भी जिक्र सामने आया था। आरोपियों ने अमरपाटन पुलिस की पूछताछ में कहा था कि आरक्षक मयंक मिश्रा मेन आरोपी है। जा मूलत: सीधी जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र का रहने वाला है। वह तस्कर रमेश जायसवाल के पहचान का था। जिसने शुरू से लेकर अंत तक की भूमिका तैयार कर पैसा वसूला और अंत में कम पैसे मिलने पर अमरपाटन पुलिस से पकड़वा दिया।
दो आरक्षकों समेत चार पर FIR
पुलिस ने इसे संज्ञेय अपराध माना है। इस अपराध में रुपयों का लेनदेन सिटी कोतवाली थाना के धवारी इलाके में हुआ है इसलिए सिटी कोतवाली में अपराध दर्ज कराया गया है। जिसमें आरोपी निलंबित आरक्षक मयंक मिश्रा, जिला पुलिस बल रीवा में पदस्थ आरक्षक शुभम द्विवेदी, प्राइवेट व्यक्ति वीरेन्द्र द्विवेदी एवं एक अन्य के खिलाफ आइपीसी की धारा 342, 388, 384, 34 व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज किया है। आरोप है कि शराब का अवैध परिवहन करने वालों को भय दिखाकर धवारी में मयंक मिश्रा के साथियों ने दो लाख रुपए और रीवा में शुभम द्विवेदी ने दो लाख रुपए वसूले हैं। अब पुलिस इन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
विभाग की किरकिरी कराई

पुलिस अधिकारी यह मान रहे हैं कि राजस्थान से लाई गई शराब की सटीक मुखबिरी थी। जिसमें आरक्षक ने अपराधिक कृत्य कर विभाग की किरकिरी कराई है। राजस्थान से सीधी जिले तक काम करने वाले यह तस्कर पहले भी शराब की खेप ला चुके हैं। एक यह बात सामने आई है कि सामान्य तौर पर भूसे की ट्रॉली जिस तरह से भरी होती है उस तरह से आरोपी ट्रॉली भरकर नहीं लाते थे। अब पुलिस पकड़े गए शराब तस्करों से जानकारी जुटाकर इस करोबार में लिप्त अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
थाने से भाग गया आरोपी आरक्षक
सिटी कोतवाली में एफआइआर दर्ज होने पर आरक्षक मयंक मिश्रा समझ गया था कि उसकी गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी। ऐसे में उसने थाना अमरपाटन के स्टॉफ को चकमा दिया और वहां से भाग निकला। इस मामले में दबी जुबान कुछ पुलिस अधिकारियों ने घटना को सही बताया है। जबकि पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह का कहना है कि केस रजिस्टर्ड आज हुआ है आरोपी की गिरफ्तारी जल्द कर ली जाएगी। थाने से आरोपी के भागने की बात सही नहीं है।
