बता दें कि बुरहानपुर जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक दीवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस संबंध में गृह विभाग द्वारा गुरुवार देर शाम आदेश जारी किये गए। निलंबन अवधि में एएसपी दीवान का मुख्यालय कार्यालय पुलिस मुख्यालय भोपाल किया गया है।
भोपाल/बुरहानपुर/मप्र।
मध्यप्रदेश गृह विभाग ने बुरहानपुर के एडिशनल एसपी अभिषेक दीवान को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय पुलिस मुख्यालय भोपाल रहेगा।
दरअसल,उन्हें वर्ष 2014 में श्योपुर में दर्ज मामले में कोर्ट से सजा होने के बाद शासन ने यह कार्रवाई की है। उन्हें मारपीट की धाराओं में दर्ज मामले में दोषी पाया है। श्योपुर के कोर्ट ने उन्हें 6 महीने के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, एक हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत ने उन्हें दोषी माना था। इसके बाद सरकार ने यह कार्रवाई की है।
क्या था पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,श्योपुर जिले के सिरसौद गांव निवासी पूरन लाल के खिलाफ गांव के ही कजुरा पुत्र गोबरिया आदिवासी ने हत्या के प्रयास के मामले में उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया था। उससे पहले पूरन लाल पुत्र के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने थाना आवदा गया था, लेकिन उसकी रिपोर्ट थाना आवदा में दर्ज नहीं की गई। दोनों को थाने पर ही बिठा लिया। उसी दिन को अभिषेक दीवान SDOP बड़ौदा पूरन व उसके बेटे अशोक को थाना आवदा से बड़ौदा ले आए। इसके बाद SDOP ने दोनों के साथ मारपीट की। तीन दिन तक उनके साथ मारपीट की।
तीन दिन बाद SDOP ने उन्हें कोर्ट के सामने पेश किया। उससे पहले मेडिकल कराया गया, जिसमें बताया गया कि दोनों को चोट नहीं आई है। छुट्टी के दिन दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने दोनों का मेडिकल परीक्षण कराने का आदेश दिया। इसके बाद दोनों की मेडिकल जांच कराई गयी। मेडिकल जांच में उनको चोटें पाई गईं।
जांच में सामने आया कि आरोपी शासकीय सेवा पुलिस अधिकारी के पद पर पदस्थ है। साफ है कि आरोपी एक पुलिस अधिकारी है। समाज में पुलिस का दायित्व पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा करना है। इसके बाद आरोपी अपने पावर का दुरुपयोग किया है।
कोर्ट ने दोषी माना
श्योपुर के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सौरभ सिंह की कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। अदालत ने तत्कालीन SDOP को दोषी माना है। पहले कोर्ट ने इस मामले में आरोपी को सजा सुनाई। कोर्ट ने आरोपी पुलिसकर्मी को दोषी मानते हुए 6 महीने की सजा सुनाई। साथ ही, आरोपी को 1 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। जुर्माना न भरने पर एक महीने का कारावास अलग से भुगतना पड़ेगा।
क्या कहा गया है गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में

गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्योपुर मध्य प्रदेश द्वारा परिवाद प्रकरण आर टी सी क्रमांक 1101402/2014 पूरनलाल विरुद्ध अभिषेक दीवान में 29 नवम्बर 2021 को निर्णय पारित कर अभियुक्त अभिषेक दीवान तत्कालीन एसडीओपी बड़ौदा जिला श्योपुर (वर्तमान एडिशनल एसपी बुरहानपुर) को IPC की धारा 323 के अंतर्गत 6 माह के सश्रम कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड और IPC की धारा 342 के तहत 6 माह का सश्रम कारावास और 1000 रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया गया है।
इसलिए राज्य शासन अभिषेक दीवान तत्कालीन एसडीओपी बड़ौदा जिला श्योपुर (वर्तमान एडिशनल एसपी बुरहानपुर ) को मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथ अपील) नियम 1966 के नियम 9 (2) (ख) के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है , निलंबन अवधि में अभिषेक दीवान का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय भोपाल रहेगा। निलंबन अवधि के दौरान अभिषेक दीवान को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जायेगा।
अभिषेक दीवान के निलंबन अवधि का निराकरण उनके विरुद्ध प्रचलित जाँच/अपराधिक प्रकरण के निराकरण के पश्चात किया जाएगा
