बता दें कि काेतवाली के सब इंस्पेक्टर जय नलवाया का भ्रष्टाचार व अन्य मामले में विवादों में पुराना नाता रहा है। करीब एक साल पहले रेत की अवैध वसूली समेत अन्य विवादों के कारण रामपुर थाने से एसआई नलवाया को हटाया गया था। लाेकायुक्त पुलिस ने रामपुर थाने के कुछ स्टाफ काे रिश्वत लेते पकड़ा था। इसमें जय नलवाया का नाम लेकर कुछ लाेग ढाबे वाले से रुपए वसूल रहा था। ऐसा वीडियाे जारी हुआ था। इस आधार पर नलवाया को हटाकर पुलिस लाइन में अटैच कर दिया था। बाद में वह काेतवाली में तैनात किया गया था। लोकायुक्त भाेपाल में केस का डिसीजन नहीं हुआ है।
होशंगाबाद/मध्यप्रदेश।
मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सब इंस्पेक्टर (SI) दो अन्य पुलिसकर्मियों और एक महिला के साथ मिलकर हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग का गैंग चला रहा था। मामला सामने आने के बाद SP ने तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। इन सस्पेंड पुलिसकर्मियों में एक महिला कॉन्सटेबल भी है आरोपी अन्य महिला को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। ब्लैकमेलिंग की गैंग थाने से ही SI जय नलवाया चला रहा था। इसमें महिला हेड कांस्टेबल ज्योति मांझी और कांस्टेबल मनोज वर्मा और एक महिला शामिल थी।
होशंगाबाद SP संतोष गौर ने बताया कि मंडीदीप निवासी महिला सुनीठा ठाकुर अमीर पुरूषों को अपने जाल में फंसाती थी। नजदीकियां बढ़ने पर उन पुरुषों को किसी होटल में बुलवा लेती थी। इसके बाद उनके साथ अंतरंगता के वीडियो बना लेती थी। इस बीच कोतवाली थाने में पदस्थ SI जय नलवाया, कॉन्सटेबल मनोज वर्मा और कॉन्सटेबल ज्योति मांझी जांच के नाम पर उस रूम में पहुंच जाते थे। तीनों आरोपी पीड़ित पुरुष को कार्रवाई का डर दिखाकर उससे मोटी रकम ऐंठते थे।
मामला तब खुला जब पुलिसकर्मियों ने गैंग में शमिल महिला को वसूली में से कम रुपए दिए। उसने एसपी से शिकायत की। तीनों को निलंबित करने के बाद एसपी ने विभागीय जांच शुरू की है।
ऐसे हुआ मामले का खुलासा
हनीट्रैप गैंग की महिला और 3 पुलिसकर्मियों की ब्लैकमेलिंग का खेल पिछले चार-पांच माह से जारी था। हर बार किसी नए युवक, व्यक्ति से होटल या रूम पर ले जाकर महिला वीडिया, फोटो बनाती थी। इसके बाद पुलिस को बुला लेती और ब्लैकमेल करती थी। अभी तक 6 लोगों से महिला और पुलिसकर्मी ब्लैकमेल कर किसी से 20 हजार, 50 हजार व 80 हजार रुपए ले चुके है। ये पीड़ित इटारसी, होशंगाबाद, आंवलीघाट के रहने वाले है। आंवलीघाट के युवक से 50 हजार रुपए लिए।
सातवीं वारदात इन्होंने सलकनपुर के सुशील मालवीय के साथ की। नर्मदा नदी के पास एक होटल में मिले थे। उसी दौरान पुलिसकर्मी वह जा पहुंचे। मामले में उस युवक से दो बार में साढ़े 7 लाख रुपए लिए गए। लेकिन गैंग की महिला को केवल 2 हजार रुपए ही पुलिसकर्मियों ने दिए। इससे महिला नाराज होकर 7 जून को कोतवाली थाने, एसपी को उसने शिकायत की। इसमें तीनों पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाया कि इन्होंने मेरे नाम से झूठे मामले में ठगी की। एसआई श्रद्धा राजपूत ने मामले की जांच की। महिला से थाने की सील लगे आवेदन और बयान लिए। जांच में तीनों पुलिसकर्मियों के शामिल होने की पुष्टि हुई। एसपी ने तीनों पुलिस कर्मियों को तत्काल निलंबित किया।
एक और युवक ने भी की चारों की शिकायत
पुलिसवालों की इस हरकत से परेशान युवक ने साहस दिखाते हुए होशंगाबाद थाने में सुनीता और तीनों पुलिसकर्मियों की शिकायत की। मामला मीडिया में आने के बाद होशंगाबाद के शांति नगर में रहने वाला दूसरा युवक भी थाने पहुंचा और चारों की शिकायत की। मामले को तूल पकड़ता देख SP ने तीनों को सस्पेंड कर दिया।
इनका कहना
एसपी संतोष सिंह गौर ने कहा, ब्लैकमेलिंग मामले में नाम आने के बाद तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। कोतवाली थाने की सील लगे 7 आवेदन मिले हैं। इनका थाने में कोई रिकाॅर्ड नहीं। महिला सेल डीएसपी आशुतोष पटेल मामले में जांच कर रहे हैं। अन्य पीड़ितों से भी संपर्क कर रहे हैं। सुनीता ठाकुर सहित तीनों पुलिसकर्मियों के मोबाइल डिटेल की जांच की जा रही है गैंग में कौन-कौन शामिल है। इस बात का जल्द पता लगाया जाएगा। वही इस गिरोह में शामिल हेड कॉन्स्टेबल ज्योति मांझी और कॉन्स्टेबल मनोज वर्मा दोनों रिश्ते में भाई बहन है। लंबे समय से दोनों होशंगाबाद मुख्यालय में ही तैनात है। इसके साथ ही साथ ज्योति मांझी के पति पुलिस में ही है।
