बता दें कि टीआई महेश शर्मा को मोहना थाने से हटाए जाने पर सोशल मीडिया पर चर्चा चलने लगी। लोगों का कहना था कि बाढ़ के बीच भी महेश शर्मा अच्छा काम कर रहे थे किसी ने लिखा कि उनका स्थानीय लोगों ने विरोध किया था, कुछ लोगों ने कहा कि कल स्थानीय लोगों ने प्रभारी मंत्री से शिकायत की थी कि टीआई साहब फोन नहीं उठाते। उधर कुछ लोगों का कहना था कि इसके पीछे राजनीतिक दखल है। सोशल मीडिया पर लोग चर्चा कर रहे हैं कि टीआई महेश शर्मा का काम अच्छा था,वे राजनीति की भेंट चढ़े हैं।
ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
ग्वालियर एसपी अमित सांघी शनिवार को एक्शन मोड में नजर आए। जिसके चलते उन्होंने एक टीआई और नौ आरक्षकों को लाइन अटैच कर दिया। आरक्षकों को थानों से हटाकर पुलिस लाइन भेजने का कारण उनके लंबित आपराधिक प्रकरण हैं वहीँ टीआई को थाने से हटाने की वजह प्रशासनिक व्यवस्था बताई जा रही हैं। हालाँकि सोशल मीडिया पर इसे लेकर अलग अलग चर्चा चल रही हैं।
पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने शनिवार 7 अगस्त को दो आदेश निकाले। एक आदेश में मोहना थाने के टीआई महेश शर्मा को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन अटैच करने के निर्देश थे। हालाँकि इस आदेश में टीआई को थाने से हटाने जाने का कारण मेंशन नहीं था लेकिन एसपी अमित सांघी ने बताया कि प्रशासनिक व्यवस्था के तहत लिया गया फैसला है।

आदेश में 9 आरक्षकों को हटाए जाने का कारण बताया

इसके अलावा पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने शनिवार को ही एक आदेश और निकाला जिसमें नौ आरक्षकों को थानों से हटाकर पुलिस लाइन अटैच कर दिया। एसपी ने इस कार्रवाई के पीछे सभी नौ आरक्षकों के आपराधिक प्रकरणों का लंबित होना कारण मेंशन किया है। एसपी ने आदेश में लिखा कि ऐसे पुलिसकर्मी जिनके विरुद्ध आपराधिक प्रकरण विवेचना में हैं अथवा अभियोजन में लंबित हैं उन्हने पुलिस थानों, क्राइम ब्रांच अथवा किसी अधिकारी के कार्यालय में कार्य हेतु तैनात नहीं किया जा सकता इसलिए इन सभी नौ आरक्षकों को पुलिस लाइन भेजा जाता है।
