आगर मालवा/मध्यप्रदेश।
ग्वालियर चंबल संभाग इस समय भीषण बाढ़ के प्रकोप से जूझ रहा है। इस दैवीय आपदा में बड़े स्तर पर जन-धन का नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई करना अत्यंत कठिन है। इस कठिन दौर में लोगों का जीवन सामान्य होने में कुछ समय तो लगेगा इस कठिन दौर में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने कर्तव्य के साथ मानवता की सेवा करने से भी पीछे नहीं हटते चाहे हालात कितने भी कठिन हो।
जहां एक ओर बड़े-बड़े अधिकारी मलाईदार थाने पर पोस्टिंग के लिए जद्दोजहद करते नज़र आतें हैं। वहीं कुछ पुलिसकर्मी ऐसे भी हैं जो इन सब बातों से परे हैं।
दरअसल मध्यप्रदेश के आगर मालवा में पदस्थ कार्यवाहक प्रधान आरक्षक (क्रमांक-301) देवेंद्र सिंह मीणा इसका जीता जागता उदाहरण है जो खाकी के फर्ज के साथ मानवता की सेवा करने के लिए आगे आए हैं। वह अपनी स्वेच्छा से बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में कुछ समय के लिए अपनी सेवा देना चाहते हैं। इससे पहले भी वह 2011 में तेज बहाव में कूदकर एक व्यक्ति की जान बचा चुके हैं क्योंकि वह एक अच्छे तैराक भी हैं। अपने इन्हीं कार्यों के चलते वह आए दिन पुलिस अधीक्षक से प्रशंसा पत्र व नगद पुरस्कार भी प्राप्त कर चुके हैं।
इनका कहना
बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में यदि मेरी ड्यूटी लगाना चाहे तो लगा दी जाए मैं अपनी सेवा देना चाहता हूं क्योंकि मैं एक अच्छा तैराक हूँ ऐसे समय में, मैं लोगों की जान की रक्षा करने हेतु अपनी सेवा देना चाहता हूँ। 2011 में भी में तेज बहाव में कूदकर एक व्यक्ति की जान बचा चूका हूँ। इसके पीछे मेरा उद्देश्य स्थानतरण कराना नहीं है हालत सामान्य होने के बाद मुझे वापस अपने जिले भेजा दिया जाए।
–देवेंद्र सिंह मीणा, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक।
