भोपाल/मध्यप्रदेश।
एमपी गजब है यहां आए दिन ऐसे मामले सामने आते हैं जो सभी को हैरत में डाल देतें हैं। आमतौर पर आम जनता के साथ पुलिस के व्यवहार को लेकर सवाल उठते रहते हैं। ताजा मामला भोपाल से है जहां नशे में चूर कॉन्स्टेबल ने मिलकर पुलिस एएसपी (ASP) को जमकर पीट दिया और बीच-बचाव करने आई अफसर की पत्नी को धमका कर निकल गए। दरअसल,राजधानी भोपाल में एडिशनल एसपी को चार आरक्षकों ने मिलकर पीट दिया। घटना के बाद सोमवार को चारों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया गया।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के मुताबिक मामला टीटी नगर क्षेत्र के डिपो चौराहे का है। यहां रविवार रात को बैरिकेड्स लगे हुए थे। डायल-100 में पदस्थ एडिशनल एसपी बीएम शाक्य कार से अपने परिवार के साथ गुजर रहे थे। इसी दौरान एक अन्य वाहन में सवार चार आरक्षक भी वहां से गुजर रहे थे। तभी वाहन को निकालते समय दोनों वाहनों में मामूली टक्कर हो गई। तभी दोनों पक्षों में विवाद हो गया।
इस दौरान आरक्षकों ने एडिशनल एसपी शाक्य के साथ मारपीट शुरू कर दी। वे सिविल ड्रेस में थे, इसलिए उन्हें कोई पहचान नहीं पाया था कि वे पुलिस में हैं। मारपीट के बाद आरक्षक चले गए। बताया जाता है कि चारों आरक्षक नशे में थे और किसी साथी को रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रह थे।
पत्नी को धक्का मारा,बोले; हमसे उलझोगे,तो जान से मार देंगे
बीएम शाक्य की पत्नी ने गाड़ी में उतरकर बीच-बचाव की कोशिश की, तो उनका भी हाथ पकड़कर धक्का मार दिया। शाक्य ने बताया कि जब तक वह परिचय देते, वे लोग यह कहते हुए निकल गए कि तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ पाओगे। अगली बार हमसे उलझोगे, तो जान से मार देंगे। इसके बाद गाड़ी लेकर भदभदा रोड की ओर वापस चले गए।
आरक्षकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज
एडिशनल एसपी बीएम शाक्य की शिकायत पर टीटी नगर पुलिस ने सोमवार को चारों आरक्षकों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। बताया जा रहा है कि इन आरक्षकों में से एक क्राइम ब्रांच का आरक्षक पहले से ही सस्पेंड चल रहा है। एक आरक्षक यातायात में पदस्थ है, जबकि एक अन्य जवान एसटीएफ में पदस्थ है। चौथे आरक्षक को यह लोग रेलवे स्टेशन छोड़ने गए थे। चारों के खिलाफ धारा 279, 294, 506 और 34 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जल्द ही इनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है। इनमें एक विनोद पाराशर, अनिल जाट, 25वीं बटालियन एसएएफ का आरक्षक अवधेश चौधरी शामिल हैं। तीनों आपस में दोस्त हैं। आरक्षक विनोद छुट्टी पर घर जा रहा था, जिसे छोड़ने अनिल और अवधेश साथ जा रहे थे। विनोद और अनिल नेहरू नगर पुलिस लाइन में रहते हैं।
