बता दें कि इस तरह बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने पर जब ऊर्जा मंत्री से बात करना चाही तो वह लगातार इस गलती पर बात करने से बचते नजर आए।
इस मामले में SP ग्वालियर का कहना है कि उनकी जानकारी में मामला नहीं है। ASP पंकज पांडे इस उलझन में थे कि कोविड में दोपहिया पर दो बैठ सकते हैं या नहीं। उन्होंने जिला प्रशासन से बात करने की बात कही, जबकि DSP ट्रैफिक नरेशबाबू अन्नोटिया का कहना है कि अभी तक तो दोपहिया वाहन पर दो बैठने वालों को समझा रहे थे और कार्रवाई कर रहे थे। नया नियम आ गया हो तो पता नहीं।
ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर हमेशा अपने अनोखे अंदाज के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन इस बार यही अंदाजा उन पर भारी पड़ रहा है। बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने और कोविड गाइडलाइन का उल्लघंन करने के मामले में वे लोगों के निशाने पर हैं। वह गुरुवार सुबह घर से दोपहिया वाहन को खुद ड्राइव करते हुए शहर के कई इलाकों में निरीक्षण किया बल्कि केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर से भी मुलाकात की। कार्रवाई के सवाल पर पुलिस अफसर कहने लगे, वे उलझन में थे कि कोविड में दोपहिया पर दो लोग बैठ सकते हैं या नहीं।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने स्कूटर चलाते समय हेलमेट नहीं पहना था। वह सिर्फ मास्क पहने हुए थे। इसके बाद वह कई चेकिंग प्वाइंट से निकले, लेकिन किसी पुलिस अफसर, जवान की हिम्मत नहीं हुई कि ऊर्जामंत्री की गाड़ी को रोककर हेलमेट पर सवाल खड़ा कर सके। पर अनजाने में या मीडिया की सुर्खियां बनने के चक्कर में ऊर्जा मंत्री से यह गलती तो हो गई। इसके साथ ही स्कूटर पर उनके पीछे एक व्यक्ति भी बैठा दिखाई दिया।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,गुरुवार सुबह वह कांचमील में अपने घर से निकल रहे थे। तभी कुछ लोग उनसे मिलने वहां पहुंच गए। इस पर ऊर्जा मंत्री तोमर एक मीडियाकर्मी की एक्टिवा स्कूटर को खुद चलाते हुए पहले पाताली हनुमान तिराहा पर पहुंचे। यहां एक बोर का काम देखने के बाद वहां से होते हुए शहर के अन्य इलाकों में घूमते हुए स्टेशन के पास रेसकोर्स रोड पहुंचे। यहां केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से मुलाकात की। इसके बाद दंदरौआ धाम के लिए निकल गए।
इस दौरान गाड़ी चलाते हुए उन्होंने हेलमेट पहनना मुनासिब नहीं समझा। एक्टिवा पर उनके पीछे एक व्यक्ति और सवार था। इसे कोविड गाइडलाइन का उल्लंघन माना जा रहा है। लेकिन मजाल है पुलिस कहीं उनको रोककर सवाल जवाब करती। हां कहीं बिना हेलमेट और डबल सीट कोई आम इंसान मिल जाता तो पुलिस सड़क पर ही उठक बैठक लगवा लेती। गुरुवार सुबह से यह वीडियो काफी वायरल हो रहा है।
अपने अनोखे अंदाज के लिए चर्चा में बने रहते हैं
कोविड संक्रमण की दूसरी लहर जब से आई है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को जिले का कोविड प्रभारी मंत्री बनाया गया है। तभी से वह लगातार अपने अनोखे अंदाज के लिए चर्चा में बने रहते हैं। कभी PPE किट पहनकर कोविड वार्ड में घुसकर मरीजों से बात करते हैं तो कभी खुद ऑक्सीजन सिलेंडर उठाकर भागते नजर आते हैं। विपक्ष के साथ-साथ भाजपा के कुछ पुराने साथी उन पर नोटंकी करने का आरोप तक लगा चुके हैं, लेकिन ऊर्जा मंत्री लगातार काम करते जा रहे हैं।
