बता दें कि डीजीपी विवेक जौहरी के अनुसार इनाम के तौर पर प्रशंसा पत्र ही दिया जाना चाहिए। इंस्पेक्टर रैंक को 40, सब इंस्पेक्टर रैंक को 20 और ASI रैंक को 15 रुपए से कम नगद इनाम नहीं दिया जाना चाहिए।
मध्यप्रदेश में एक लाख 25 हजार स्वीकृत पुलिस बल है। लेकिन उपलब्धता करीब एक लाख सात हजार की है। पुलिस फोर्स में 70 हजार से ज्यादा कांस्टेबल हैं। डीजीपी के इस फैसले का लाभ एक लाख से ज्यादा पुलिसकर्मियों को मिलेगा।
भोपाल/मध्यप्रदेश।
कोरोना कहर के बीच पुलिसकर्मियों बलिदान किसी से छुपा नही है। इस भयंकर महामारी के दौर में भी इन्होंने बढ़चढ़कर अपना योगदान दिया है। इसे देखते हुए
पुलिसवालों के लिए एक अच्छी खबर है। बेहतर काम के लिए पुलिसकर्मियों को अब भरपूर इनाम मिलेगा। इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने तमाम पाबंदियों को हटा लिया है। अब जिले में एसपी किसी भी पुलिसकर्मी को एक साल में दो से ज्यादा बार इनाम दे सकते हैं। इससे पहले एसपी एक साल में दो बार से ज्यादा इनाम नहीं दे सकते थे। यदि उसे इनाम देना होता था तो रेंज के आईजी की अनुमति लेनी पड़ती थी। लेकिन अब इस पाबंदी को पुलिस मुख्यालय ने हटा लिया है। डीजीपी के इस फैसले का लाभ प्रदेश के एक लाख से ज्यादा पुलिसवालों को मिलेगा।
डीजीपी विवेक जौहरी ने प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को इनाम के संबंध में दिशा निर्देश जारी किए हैं। साथ ही विवेक जौहरी ने इकाइयों के पुलिस अधिकारियों को इनाम को लेकर कई शक्तियां भी दी हैं। आदेश के अनुसार अब इकाई का पुलिस अधीक्षक, सेनानी एक साल में 2 से ज्यादा बार पुलिस कर्मचारी को इनाम दे सकेंगे। इसके लिए उन्हें आईजी से अनुमति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
