बता दें कि इससे पहले 23 अप्रैल की रात को जयारोग्य अस्पताल के आईसीयू में ऑक्सीजन की कमी के कारण 3 मरीजों की मौत हो गई थी। आधी रात को ऑक्सीजन खत्म होने से अस्पताल में चीख पुकार मच गई थी। तब ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर रात में ही अस्पताल पहुंचे थे और सिलेंडर लेकर इधर-उधर भागते नजर आए थे।
ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
ग्वालियर के सबसे बड़े हॉस्पिटल कमला राजा अस्पताल में मंगलवार को ऑक्सीजन खत्म हो गई। ऑक्सीजन ख़त्म होने से अफरा तफरी मच गई। सूचना मिलते ही कांग्रेस विधायक विधायक प्रवीण पाठक और सतीश सिंह सिकरवार अस्पताल पहुंचे, मरीजों की चीख पुकार सुनकर वे व्यवस्थाएं जुटाने में लग गए। मरीजों के परिजनों की माने तो ऑक्सीजन ख़त्म होते ही स्टाफ और डॉक्टर वार्ड छोड़कर भाग गए। इतने में एक ऑक्सीजन टैंकर आने की सूचना मिली। जिसे अस्पताल तक पहुँचाने के लिए विधायक प्रवीण पाठक ने सड़क पर दौड़ लगाई, उन्होंने रास्ते में खड़े सेना के वाहन को हटाने के लिए हाथ जोड़े उसे लोगों के साथ मिलकर खुद धक्का लगाया। बताया जा रहा है कि कुछ ही देर में 3 मरीजों की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। हालांकि, कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार ने कम से कम 10 मौतों का दावा किया है। अस्पताल प्रबंधन 2 मरीजों की मौत की बात मान रहा है।
ऑक्सीजन ख़त्म होने से मच अफरा तफरी
ग्वालियर के JAH (जयारोग्य अस्पताल) परिसर स्थित KRH (कमलाराजा अस्पताल) की तीसरी मंजिल मेल वार्ड में सोमवार सुबह 9 बजे अचानक ऑक्सीजन खत्म हो गया। ऑक्सीजन खत्म होने के बाद वहां भर्ती लोगों की सांसेंं उखड़ने लगी। यह नजारा देख डॉक्टर और परिजन ने अंबू बैग से ऑक्सीजन देने का प्रयास किया, लेकिन चंद मिनट में उखड़ती सांसे थमने का सिलसिला शुरू हो गया। उस समय वहां जो मंजर था वह दिल दहला देने वाला था। लोग मर रहे थे और डॉक्टर असहाय खड़े थे। इस पर परिजन का आक्रोशित हो गए। जब स्थिति हाथ से निकली तो डॉक्टर और हॉस्पिटल स्टाफ अस्पताल छोड़कर मेडिकल कॉलेज में भाग गए। हंगामा की सूचना पर कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक व विधायक सतीश सिकरवार कमलाराजा अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने लोगों को बचाने के लिए तत्काल अफसरों, डॉक्टरों को कॉल किए, लेकिन दहशत में भागे डॉक्टर कॉल रिसीव करने को तैयार नहीं थे।
डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ जानता था कि ऑक्सीजन खत्म हो गया है। कुछ देर बाद ऑक्सीजन टैंकर पहुंची। लेकिन वहां तड़प रहे मरीजों को ऑक्सीजन लगाने के लिए कोई डॉक्टर या स्टाफ नहीं था। यदि वहां डॉक्टर होते तो कुछ की जान बच जाती या हालत नहीं बिगड़ती
जेएएच अस्पताल मे डॉक्टरो ने की हड़ताल पुलिस सुरक्षा माँगी सिकरवार की दखल से सुलझा मामला
हंगामे की सूचना पर पुलिस फ़ोर्स को बुलाया गया और अस्पताल में तैनात कर दिया गया। डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ को वरिष्ठ चिकित्सकों ने जब सुरक्षा का भरोसा दिलाया तब वे वापस लौटे। डॉक्टरों ने हड़ताल करते हुए पुलिस सिक्योरिटी के बिना काम करने से मना कर दिया मामला बढ़ता देख विधायक सतीश सिकरवार ने हड़ताल ख़त्म कार्रवाई। उधर मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन ने भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा की मांग की।
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ सुनील अग्रवाल का कहना कोरोना की स्थिति में प्रदेश में दवा, ऑक्सीजन, स्टाफ सब की कमी है। बावजूद इसके हमारे डॉक्टर्स मेडिकल स्टाफ जी जान लगाकर दिन रात मरीजों की सेवा कर रहा है लेकिन वर्तमान हालात देखकर उन्हें भय रहता है कि मरीज के परिजन कहीं उन पर हमला ना कर दें इसलिए अस्पतालों के गेट, वार्ड आदि में पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए।

मौत के आंकड़ों को लेकर बनी रही गफलत
कमलाराजा में हालत और मौत की स्पष्टता पर सभी का अलग-अलग बयान हैं। जेएएच अधीक्षक आरएस धाकड़ ने 2 मौत होने की बात कही है, लेकिन SDM प्रदीप तोमर कुछ भी नहीं होने की बात कहते नजर आए। कांग्रेस विधायक सतीश सिकरवार जो सबसे पहले KRH पहुंचे और मरीजों के परिजन के साथ खड़े रहे उनका दावा है कि कम से कम 10 मरे हैं।
कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने मौत का आंकड़ा पांच बताया है। उन्होंने ग्वालियर के नेताओं से अपील की है कि वे श्रेय की राजनीति भूल कर ग्वालियर के लोगों की जान बचाएं। असल स्थिति क्या है यह आगे पता लगेगी।
कांग्रेस विधायक प्रवीण पाठक ने ग्वालियर के नेताओं से अपील की है कि वे श्रेय की राजनीति भूल कर ग्वालियर के लोगों की जान बचाएं।@CMMadhyaPradesh @ChouhanShivraj @JM_Scindia @OfficeOfKNath @drnarottammisra @digvijaya_28 @INCIndia @IYC @nstomar @PradhumanGwl @VivekShejwalkar pic.twitter.com/NdPgwj4rSY
— नंबर वन पुलिस डॉटकॉम (@No1policeCom) April 27, 2021
