HomeBreaking Newsलोकायुक्त ने आयुष विभाग के बाबू को 80 हजार की रिश्वत लेते...

लोकायुक्त ने आयुष विभाग के बाबू को 80 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा

बता दें कि 2009 में गौरव साकरे के पिता का निधन हो गया था। जिसके बाद उसे अपने पिता की नौकरी अनुकंपा के रूप में 2019 में मिली थी। जिसे लेकर गौरव की पोस्टिंग आयुष विभाग के शिवाजी नगर डिस्पेंसरी में हुई थी। इस दौरान आयुष विभाग का बाबू सुनील नामदेव लगातार गौरव पर रिश्वत देने का दबाव बना रहा था। जिससे परेशान होकर गौरव साकरे ने लोकायुक्त से शिकायत की।


भोपाल/मध्यप्रदेश।

लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को एक रिश्वतखोर बाबू के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। बाबू ने अनुकंपा नियुक्ति के नाम पर रिश्वत की मांग की थी। इसके बाद लोकायुक्त में मामले की शिकायत की गई। लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाकर बाबू के 80 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी बाबू आयुष कार्यालय में सहायक ग्रेड-2 के पद पर पदस्थ है।

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित आयुष विभाग के ऑफिस में लोकायुक्त पुलिस की टीम ने छापामार कार्रवाई की है। बताया गया है कि यहां से क्लर्क सुनील नामदेव को 80 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।
बता दें कि अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate appointment) के बदले ब्लैकमेल (Blackmail) करने वाले आयुष विभाग के बाबू (Clerk of AYUSH Department) सुनील नामदेव पर कार्रवाई की गई है। जो अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate appointment) के एवज में डेढ़ लाख रुपए की मांग कर रहा था। जिसकी शिकायत गौरव साकरे ने की थी। वहीं शिकायतकर्ता पहली किश्त के तौर पर 80 हजार रुपए लेकर बाबू (Clerk) को देने पहुंचा। जहां लोकायुक्त की टीम (Lokayukta team) ने कार्रवाई की है।

डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत की मांग

शिकायतकर्ता ने बताया कि आयुष विभाग का बाबू (Clerk of AYUSH Department) सुनील नामदेव ने अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate appointment) के नाम पर डेढ़ लाख रुपए की रिश्वत की मांग (Demand for bribe) की थी। जिसे लेकर उन्होंने कहा था कि सबसे पहले 80 हजार रुपए एक साथ देने होंगे। उसके बाद बाकी के 70 हजार रुपए को हर महीने किश्त के रूप में देना होगा। इसके लिए बाबू सुनील नामदेव ने शिकायतकर्ता गौरव पर दबाव बनाया कि वह एक लाख रुपए का पर्सनल लोन (Personal loan) ले।

शिकायतकर्ता को दी थी धमकी

आयुष विभाग (Ayush Department) के बाबू (clerk) सुनील नामदेव ने शिकायतकर्ता गौरव को धमकी दी थी कि अगर उसने रिश्वत की रकम नहीं दी, तो वह उसे पुलिस केस में फंसा देगा। इसके पहले आरोपी सुनील नामदेव ने गारंटी के रुप में तीन चेक गौरव से लिए थे। इस संबंध में परेशान गौरव ने इसकी शिकायत लोकायुक्त से की। जिस पर लोकायुक्त की टीम ने प्लान बनवाया और एक लाख का लोन मिल जाने के बाद पहली किश्त 80 हजार रुपए लेकर गौरव को आयुष विभाग (Ayush Department) के बाबू के पास भेजा। लोकायुक्त ने 80 हजार रुपए के नोटों पर केमिकल (Chemical) लगाया था, जिससे आरोपी बाबू को रंगे हाथों पकड़ा जा सके।

Live Share Market :
- Advertisment -

Most Popular

error: Content is protected !!