रतलाम/मध्यप्रदेश……………
आपने दानवीर तो बहुत सुनें होंगे बहुत कुछ होने के बाद कुछ दान में दे देना भी दान का एक स्वरूप है। लेकिन सीमित संसाधन व आर्थिक क्षमता कम होने के बाद भी किसी की सहायता के लिए आगे आना श्रेष्ठ दानों में गिना जाता है। जहाँ चाह है वहाँ राह है कहतें हैं कि दिल में अगर कुछ मदद करने की चाह है तो कोई भी संकट आपको इसके लिए रोक नहीं सकता है।
इस बात को सही कर दिखाया रतलाम पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक घनश्याम दडिंग(1154) ने।
आरक्षक ने मानवता की जो मीसाल पेश की है, वो बिरलए ही प्राप्त होती है। सरकार ने इनको ड्यूटी लगाते हुए मध्यप्रदेश राजस्थान की बॉर्डर पर मजदूरों को बस से लेने भेजा था, वापसी में जब पता चला की मजदूरों को रोटी का संकट है तो बस में सवार सभी मजदूरों को पाँच -पांच सौ रुपए दे दिए। कुल 30 मजदूरों को मिलाकर 15 हजार रुपए दिए गए।
क्या है पूरा मामला……………
प्राप्त जानकारी के अनुसार,आरक्षक घनश्याम दडिंग को सरकार ने रतलाम से राजस्थान में रह रहे मजदूरों को लेने के लिए बस से ड्यूटी पर भेजा था। राजस्थान से लाए गए इन मजदूरों को रतलाम जिले की बॉर्डर पर छोड़ दिया गया था। इसके बाद मानन खेड़ा नाके पर बस को रतलाम से भेजा गया। जो श्रमिक थे उनको अपने अपने घर पर भेजा गया। बस में शामिल इन 30 मजदूरों को ही आरक्षक ने 500 – 500 रुपए देकर मदद की है। जिससे की वे अपना भरण पोषण कर सकें।
बड़ी बात ये है कि आरक्षक की जेब में रुपए नहीं थे। तब दडिंग ने अपने मित्र को 15 हजार रुपए पेटीएम से भेजे। इसके बाद दलोदा से एक दोस्त के माध्यम से उन्हें यहाँ पर कैश प्राप्त हुआ। आरक्षक एक किसान परिवार से आतें हैं। आरक्षक ने पुलिस सेवा में आने से पूर्व खेती की व स्वयं की पढ़ाई का व्यय निकाला है। 20 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन आरक्षक को मिलता है। वह किराए के मकान में रतलाम में रहते हैं। इसके बाद भी इतनी दरिया दिली की हर कोई तारीफ कर रहा है। आरक्षक के इस कार्य की पुलिस विभाग में भी तारीफ हो रही है।
कौन हैं घनश्याम दडिंग…………
दडिंग मंदसौर जिले के सीतामऊ तहसील के ग्राम रामगढ़ के निवासी है। उनके पिता शंकरलाल किसान है। पिता को बचपन से कमजोर वर्ग की मदद करते देखा तो उन्ही से प्रेरणा मिली की जब जो जरुरतमंद आए उसकी मदद की जाए। बस में जो मजदूर थे, उन्होंने बताया कि कभी भोजन मिला कभी नहीं मिला। इसके बाद मदद का विचार आया व मदद कर दी। दडिंग का एक ग्यारह माह का बेटा है।
