बता दे कि मध्यप्रदेश में लगातार रिश्वत के मामले सामने आ रहे है। हाल ही में सागर (Sagar) में मध्यप्रदेश राज्य कृषि विपणन बोर्ड (MP State Agricultural Marketing Board) के सब इंजीनियर को लोकायुक्त ने 26 हजार और कृषि अभियांत्रिकी विभाग (Agricultural Engineering Department) सागर में पदस्थ मैकेनिकल असिस्टेंट राजसिंह काे 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथों पकड़ा था। इसके पहले ग्वालियर और सीधी में भी लोकायुक्त द्वारा कार्यवाही की गई थी।
पन्ना/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश में तमाम प्रयासों और कार्यवाहियों के बावजूद सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी रुकने का नाम नहीं ले रही है गंभीर बात यह है कि पहले छोटे बाबू पद के लोग रिश्वत लेने के लिये बदनाम थे लेकिन अब बड़े अधिकारी भी रिश्वत लेते लगातार पकड़े जा रहे इसके बावजूद भी रिश्वत लेने का यह कुकृत्य कम नहीं हो रहें है। ऐसा ही एक मामला पन्ना के अजयगढ़ तहसील में सामने आया है जिसमें एक लाख की रिश्वत लेते हुए तहसीलदार उमेश तिवारी को सागर की लोकायुक्त टीम ने सरकारी रेस्ट हाउस में छापामार कार्यवाही करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है जिससे राजस्व महकमे में हड़कंप मच गया उल्लेखनीय है कि इससे पहले जिले के गुनौर तहसील के तहसीलदार भी इसी तरह पकड़े गए थे।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह कार्यवाही सागर लोकायुक्त (Sagar Lokayukt Police) द्वारा की गई है। कार्यवाही के बाद से ही कार्यालय में हड़कंप मचा हुआ है। सागर लोकायुक्त ने पन्ना जिले के अजयगढ़ में पदस्थ एक तहसीलदार उमेश तिवारी को एक लाख की रिश्वत लेते हुए सर्किट हाउस से रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उमेश तिवारी ने जमीन के हस्तांतरण के एवज में अंकित मिश्रा से रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद से ही सर्किट हाउस में हड़कंप मच गया है। टीम ने भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत तहसीलदार पर कार्रवाई की है।
इनका कहना
अंकित मिश्रा द्वारा 18 जनवरी को शिकायत की गई थी कि प्रभारी तहसीलदार उमेश तिवारी द्वारा ₹100000 की मांग कर रहे हैं जिस शिकायत पर तस्दीक की गई शिकायत सही जा पाए जाने पर कार्यवाही करते हुए प्रभारी तहसीलदार को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया है।
–राजेश खेड़े,डीएसपी लोकायुक्त सागर।
