लखनऊ/उत्तरप्रदेश।
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में तैनात एक सिपाही की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। दरअसल, सिपाही हादसे के वक़्त प्रधानमंत्री की VIP ड्यूटी से लौट रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने सिपाही की बाइक को टक्कर मार दी। जिससे सिपाही और उसके दोस्त की मौके पर ही मौत हो गई। सिपाही अपने परिवार का इकलौता सहारा था। उसकी मौत से परिवार में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुरादाबाद के भगतपुर थानांतर्गत मानपुर महेशपुर खेम गांव निवासी 23 वर्षीय सिपाही सचिन कुमार कानपुर देहात के गजनेर थाने में तैनात थे। 25 नवंबर को वह वीआइपी ड्यूटी लगने पर वाराणसी गए थे। ड्यूटी खत्म होने के बाद गजनेर कस्बे में ही रहने वाले दोस्त वीरेंद्र गौतम के साथ सिपाही बाइक पर लौट रहा था। सचेंडी थानांतर्गत हाईवे पर कन्हैयालाल हॉस्पिटल के पास पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने बाइक में टक्कर मार दी।
इस टक्कर के बाद सचिन और वीरेंद्र सड़क पर गिर पड़े। वीरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सिपाही सचिन गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस घायल सिपाही को लेकर अस्पताल पहुंची, लेकिन तब तक सांसें उखड़ गई। फिलहाल सिपाही के परिजनों को सूचना देने के साथ साथ पुलिस आरोपी कार सवार की तलाश में जुट गई है।
हेलमेट का हुक लगा होता तो बच जाती जान
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। वहीं बाइक चला रहे वीरेंद्र का हेलमेट हुक न लगाने की वजह से दूर जा गिरा। पीछे बैठे सिपाही ने हेलमेट नहीं लगाया था। इस वजह से दोनों की सिर पर गंभीर चोट आई।
2018 बैच का सिपाही था सचिन
सचिन के पिता राजेश कुमार किसान हैं। बड़ा बेटा सचिन 2018 बैच का सिपाही था। छोटा भाई नितिन पुलिस की तैयारी कर रहा है। बैचमेट व पड़ोसी गांव के रहने वाले रोहन ने बताया कि सचिन घर में इकलौता कमाने वाला था। रोहन कानपुर देहात के सिकंदरा थाने में तैनात है। बैचमेट और पड़ोसी गांव के चलते दोनों में अच्छी दोस्ती थी।
