शहडोल/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में आरक्षक की प्रताड़ना से तंग आकर एक नाबालिग ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। आत्महत्या के पहले नाबालिग ने एक सुसाइट लेटर छोड़ा है। जिसमें उसने आरक्षक गुड्डू यादव समेत 3 अन्य लोगों द्वारा प्रताड़ित करने से तंग आकर आत्महत्या करने का जिक्र करते हुए इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
वहीं इस घटना के बाद आरक्षक गुड्डू यादव को पुलिस अधीक्षक ने सस्पेंड कर हिरासत में ले लिया है। जबकि दो को लाइन अटैच कर दिया। फिलहाल किशोरी की सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस आरक्षक से पूछताछ कर रही है। मृतिका के पास से सुसाइड नोट मिला है जिसमें उसने जैतपुर में पदस्थ रहा आरक्षक गुड्डू यादव समेत विपिन, शिवकुमार,पुष्पेंद्र, के नाम लिखे हैं। पुलिस के अनुसार शिवकुमार व पुष्पेंद्र जैतपुर थाने में ही हैं, जबकि विपिन महिला आरक्षक का भाई है।
देर रात कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा और परिजनों को सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। पूरे मामले की जांच डीएसपी सोनाली गुप्ता को सौंपी गई है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,रविवार को 16 वर्षीय किशोरी ने अपने घर पर ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घर के सभी सदस्य धान कटाई के लिए गए हुए थे, जबकि मृतिका किशोरी एवं उसकी छोटी बहन घर पर ही थी। छोटी बहन कुछ देर के लिए पानी लेने के लिए बाहर गई और जब वह वापस लौटी तो घर का दरवाजा अंदर से लगा हुआ था।
काफी देर आवाज देने के बाद भी घर का दरवाजा नहीं खोला तो छोटी बहन ने आसपास के लोगों की मदद से दरवाजा खुलवाया और दरवाजा खुलते ही किशोरी घर के अंदर फांसी पर झूलती मिली। आसपास के लोग व परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी, सूचना मिलते ही जैतपुर थाने से पुलिस स्टाफ मौके पर पहुंचकर अपनी कार्यवाही शुरू कर दी है एवं मृतिका के पास से मिले सुसाइड नोट को भी पुलिस ने जप्त कर लिया है।
क्या लिखा है सुसाइड नोट में
सुसाइड नोट में किशोरी ने लिखा है कि मेरे मरने के पीछे किसी और का हाथ नहीं है बल्कि जैतपुर के पुलिस गुड्डू यादव का हाथ है। इसलिए अगर कोई कानूनी कार्यवाही हो रही हो तो किसी और पर नहीं बल्कि गुड्डू यादव पर हो। गुड्डू यादव के साथ तीन और लोग शामिल हैं जो कि मेरे और गुड्डू यादव के बारे में सब जानते थे। उनके नाम हैं विपिन, शिव कुमार व पुष्पेंद्र।
इनका कहना
किशोरी ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या की है। उसके पास से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें आरक्षक का नाम है। आरक्षक को सस्पेंड कर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है, उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
–अवधेश कुमार गोस्वामी।
