बता दें कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 50 वर्ष की उम्र पार कर चुके अक्षम सरकारी कर्मियों को जबरन सेवानिवृत्त किए जाने के आदेश दिए थे। इसके लिए कुछ महीने पहले मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने शासनादेश भी जारी किया था। इसके अनुपालन में पुलिस महकमे में अब तेजी दिखाई पड़ रही है।
लखनऊ/उत्तरप्रदेश।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अक्षम पुलिसवालों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने की कार्रवाई शुरू की है।
राजधानी लखनऊ स्थित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) मुख्यालय ने पुलिस विभाग के सभी विभागाध्यक्षों को पत्र भेजकर सरकारी सेवा में दक्षता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए छांटे गए पुलिसकर्मियों की सूची मांगी है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,जीपी मुख्यालय ने गत 21 अक्टूबर को पुलिस विभाग के सभी विभागाध्यक्षों को पत्र भेजकर सरकारी सेवा में दक्षता सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए छांटे गए पुलिसकर्मियों की सूची मांगी है। पुलिस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि शासनादेश के अनुसार पुलिस महकमे में 50 वर्ष की उम्र पार कर चुके कार्मिकों की उनके कामकाज के आधार पर समीक्षा कर अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्ति दी जा रही है।
पुलिस महानिदेशक मुख्यालय में तैनात अपर पुलिस महानिदेशक (स्थापना) संजय सिंघल ने बुधवार को सरकारी विभागों के विभागाध्यक्षों को पत्र लिखकर अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए छांटे गए पुलिसकर्मियों की सूची मांगी है। एडीजी सिंघल ने कहा कि पिछली पांच सितंबर को पत्र भेजा गया था, जिसमें 31 मार्च, 2020 को 50 वर्ष या इससे अधिक की आयु पूरी करने वाले कर्मियों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए छांटने के निर्देश दिए गए थे।
पत्र देखें
31 मार्च 2020 को 50 वर्ष या इससे अधिक की आयु पूरी करने वाले कर्मियों को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्ति हेतु स्क्रीनिंग की कार्यवाही नियमानुसार कराकर सूचना जोन्स / मुख्यालय स्तर पर संकलित कर 25 अक्टूबर तक उपलब्ध कराई जाए : मुख्यालय पुलिस महानिदेशक,उत्तरप्रदेश।

