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करोड़ों के ऑनलाइन सट्टे के बड़े गिरोह का पर्दाफाश,मुख्य आरोपी समेत 8 गिरफ्तार

बता दें कि जांच में पता चला है कि इंदौर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर मनोज उर्फ मोंटी मालवीय ने गेम का सॉफ्टवेयर तैयार किया था। पुलिस ने मामले में सॉफ्टवेयर इंजीनियर मनोज को भी गिरफ्तार कर लिया है। मनोज सॉफ्टवेयर को संचालित करने के लिए राजा की मदद करता था और सट्टे से मिली राशि हवाला के जरिए सट्टेबाजों में बांटता था।


इंदौर/मध्यप्रदेश।

पुलिस ने विदेशी एप्स धनगेम व धनकुबेर ऐप्स के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले गिरोह का पर्दाफ़ाश करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बुधवार को शहर में अब तक के सबसे बड़े सट्टा चलाने वाले गिरोह को पकड़ा है। मुख्य सरगना के पास से 1 करोड़ 31 लाख 66 हजार 623 रुपए कैश और अलग-अलग बैंक खातों से 1.5 करोड़ रुपए भी जब्त किए गए हैं। वह ऑनलाइन सॉफ्टवेयर गेम के जरिए सट्‌टे का कारोबार चला रहा था। पुलिस ने मुख्य आरोपी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। सॉफ्टवेयर गेम बनाने के लिए उसने इंदौर के एक इंजीनियर की मदद ली थी। आरोपी गरीब और मजदूरों के दस्तावेज लेकर बैंक खाते खुलवाता था। इन्हीं अकाउंट में सट्टे के रुपयों का लेनदेन करता आ रहा था। रकम हवाला के जरिए सट्‌टेबाजों में बांटी जाती थी। पुलिस को अभी ऐसे 13 बैंक खातों के बारे में जानकारी मिली है। इनमें पिछले 6 महीने में 53 करोड़ 23 लाख 70 हजार 417 रुपयों का ट्रांजेक्शन हुआ है।

बरामद करोड़ो की नगदी

क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,पुलिस को महू के गुजरखेड़ा इलाके के एक मकान में बड़े स्तर पर सट्‌टा खिलाने की जानकारी मिली थी। सट्‌टा राजा वर्मा के मकान में चल रहा था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विकास सिंह यादव निवासी खंडवा, जितेन्द्र लोवंशी निवासी सिवनी मालवा गोलगांव होशंगाबाद, हेमंत गुप्ता निवासी बरमकेला छत्तीसगढ़, सोनू गुप्ता निवासी बरमकेला छत्तीसगढ़ को गिरफ्तार किया। आरोपी 3 लैपटॉप और मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सट्‌टे पर दांव लगवा रहे थे।

मुख्य आरोपी ने सभी को नौकरी पर रखा था

मुख्य आरोपी राजा वर्मा

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि राजा वर्मा उर्फ लोकेश निवासी गुजरखेड़ा (महू) ने उन्हें सट्टा खिलाने के लिए नौकरी पर रखा है। राजा के साथ पलाश अभिचंदानी और शुभम कलमे भी इस धंधे में हैं। इसके बाद मुख्य आरोपी राजा वर्मा, उसके साथी शुभम कलमे और पलाश अभिचंदानी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
वही पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के तार अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दुबई से तार जुड़े होने के संकेत मिले है। वही इसका एक बाड़ा नेटवर्क बेंगलोर से संचालित होता है। वही इसमें लोगों के दुबई से भी तार जुड़े है। अब पुलिस अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पूरे मामले की तहकीकात कर रही है और पता लगा रही है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े है। बहुत जल्द ऑनलाइन सट्टे के एक बड़े गिरोह का पुलिस पर्दाफ़ाश करेगी।

अवैध कमाई से करोड़ो की प्रॉपर्टी खरीदी

जांच में पता चला कि राजा वर्मा मुख्य आरोपी है। वह महू और इंदौर के गरीब, मजदूर वर्ग के लोगों को दुकान खुलवाने या लोन दिलवाने के नाम पर फंसाता था। इसके बाद उनके आधारकार्ड और दूसरे दस्तावेज लेकर अलग-अलग बैंकों में इनके नाम से व्यापारी फर्म बनाकर करंट एकाउंट खुलवाता था। इन खातों में वह ऑनलाइन सट्टे के पैसे जमा करवाता था। राजा दो साल से सट्टे का कारोबार कर रहा था और इससे मिले रुपयों से महू तथा इंदौर में अपने और परिवार के नाम से प्राॅपर्टी खरीद रहा था। उसने अब तक 6 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी खरीदी है।

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