●केस की जांच सीआईडी क्राइम ब्रांच के एसपी विकास शर्मा को दी गई है।
●राजस्थान के चुरू जिले के राजगढ़ थाना प्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई ने शनिवार तड़के की थी खुदकुशी।
●इंस्पेक्टर ने दो सुसाइड नोट लिखे: एक में लिखा- मेरे चारों तरफ इतना प्रेशर बना दिया गया है कि मैं तनाव नहीं झेल पाया।
चुरू/राजस्थान…………..
आज के सिस्टम में अगर कोई पुलिसकर्मी ईमानदारी से काम करना चाहे तो इसके क्या परिणाम होते हैं इसका जीवंत उदाहरण आज राजस्थान में देखने को मिला कैसे ये सिस्टम दीमक बनके ईमानदार और ईमानदारी दोनों को चाट जाता है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हम सबके सामने है। दरअसल,राजस्थान के चुरू जिले के राजगढ़ थाना प्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई के सुसाइड के बाद अब थाने के पूरे स्टाफ ने बीकानेर आईजी को एक पत्र लिखा है। इसमें पूरे स्टाफ ने ट्रांसफर की मांग की है।इसमें पुलिस स्टाफ ने यह भी लिखा है कि 23 मई को एसएचओ साहब विष्णुदत्त विश्नोई के साथ जो घटना हुई है। इस घटना से हम सभी स्टाफ भयभीत हैं। दरअसल, शनिवार को राजगढ़ थाना प्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई ने सरकारी आवास में सुसाइड कर लिया था। उनके दो सुसाइड नोट सामने आए थे, जिसमें उन्होंने खुद पर प्रेशर बनाने की बात कही थी।
विधायक झूठी शिकायतें कर कार्रवाई करवाते हैं………..
पुलिस स्टाफ़ द्वारा आईजी को लिखा गया शिकायती पत्र
आईजी को लिखे पत्र में थाने के स्टाफ ने पीड़ा जाहिर करते हुए बताया किआए दिन ड्यूटी करते वक्त छोटी-छोटी बातों को लेकर सादुलपुर विधायक और उनके कार्यकता हमारी झूठी शिकायत अधिकारियों से करते हैं। पिछले दिनों हेड कांस्टेबल सज्जन कुमार, हेड कांस्टेबल इंद्रसिंह, कांस्टेबल चालक राजेश व कांस्टेबल मनोज का ऐसी ही झूठी शिकायतों के आधार पर ट्रांसफर पुलिस लाइन में कर दिया गया था। इसके बाद थाना प्रभारी विष्णुदत्त ने भी खुदकुशी कर ली। इससे थाने का पूरा स्टाफ भयभीत है। इस घटना से हमारा मनोबल बुरी तरह से टूट गया है। इसलिए हम सभी का ट्रांसफर कहीं और कर दिया जाए ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पैतृक गांव में हुआ अंतिम संस्कार, लोगों ने लगाए विष्णुदत्त जिंदाबाद के नारे………….
उधर,इंस्पेक्टर विष्णुदत्त विश्नोई के शव पोस्टमार्टम के बाद रविवार को श्री गंगानगर जिले में स्थित उनके पैतृक गांव ले जाया गया। जहां पुलिस की गाड़ियों का एक लंबा काफिला सड़क से गुजरा। इस दौरान सैंकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग लंबी लाइन बनाकर सड़क के दोनों तरफ खड़े रहे। जैस ही विश्नोई की पार्थिव देह को लेकर एंबुलेंस गुजरी। वहां लोगों ने एंबुलेंस पर फूल बरसाए। भारत माता की जय और विष्णुदत्त अमर रहे के नारे लगाए। इसके बाद राजकीय सम्मान के साथ विष्णुदत्त विश्नोई का अंतिम संस्कार कर दिया गया। दिवंगत पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त का शव बाजार से गुजरा तो वहां सैंकड़ों की संख्या में लोगों ने बरसाए फूल।
छोटे भाई ने राजगढ़ थाने में दर्ज करवाया, आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला……………
पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त विश्नोई खुदकुशी प्रकरण में उनके छोटे भाई संदीप विश्नोई ने आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा राजगढ़ थाने में दर्ज करवाया है। केस की जांच सीआईडी क्राइम ब्रांच के एसपी विकास शर्मा को दी गई है। इस मुकदमे में संदीप ने बताया कि उनके भाई को गंदी राजनीतिक में फंसाने की साजिश थी। ऐसे में वे चारों तरफ से दबाव में घिर गए थे। उनके भाई ने थाना प्रभारी रहते हुए रोज नामचे में भी इस दबाव के बारे में कई रपट डाली हुई थी। उन्हें अनुचित तरीके से दबाव डालकर परेशान किया जा रहा था। इससे उन्होंने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
क्या था पूरा मामला…………….
चुरू जिले में राजगढ़ थानाप्रभारी विष्णुदत्त विश्नोई ने शनिवार तड़के अपने थाना परिसर के नजदीक बने सरकारी क्वार्टर में पंखे के कड़े से गले में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे रसोईया चाय लेकर विष्णुदत्त को जगाने पहुंचा। तब अंदर से कमरे का दरवाजा बंद मिला। तब उसने थाने के स्टाफ को बताया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने क्वार्टर का दरवाजा तोड़कर देखा तो अंदर फंदे पर शव लटक रहा था। मामले में राजनीति भी गरमा गई है। बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस सरकार को आड़े हाथों लिया है। वहीं, स्थानीय विधायक कृष्णा पूनियां के खिलाफ भी नारेबाजी की गई।
दो सुसाइड नोट लिखे: एक में लिखा- मेरे चारों तरफ इतना प्रेशर बना दिया गया है कि मैं तनाव नहीं झेल पाया………….
एसपी के लिए लिखा गया सुसाइड नोट
विष्णुदत्त ने दो सुसाइड नोट लिखे थे। इनमें से एक पत्र में एसपी चुरू तेजस्विनी गौतम को लिखते हुए कहा था- मैडम,माफ करना, प्लीज, मेरे चारों तरफ इतना प्रेशर बना दिया गया कि मैं तनाव नहीं झेल पाया। मैंने अंतिम सांस तक मेरा सर्वोत्तम देने का प्रयास किया। निवेदन है कि किसी को परेशान नहीं किया जाए। मैं बुजदिल नहीं था। बस तनाव नहीं झेल पाया। मेरा गुनाहगार मैं स्वयं हूं।
पुलिस इंस्पेक्टर विष्णुदत्त द्वारा परिवार वालों के नाम लिखा गया सुसाइड नोट………..
परिजनों के लिए लिखा गया सुसाइड नोट
वहीं, दूसरे सुसाइड नोट में अपने माता पिता, पत्नी उमेश के नाम लिखते हुए कहा था-आदरणीय मां पापा, मैं आपका गुनाहगार हूं। इस उम्र में दुख देकर जा रहा हूं। उमेश, मन्कू और लक्की मेरे पास कोई शब्द नहीं है। आपको बीच मझधार में छोड़कर जा रहा हूं। पता है ये कायरों का काम है बहुत कोशिश की खुद को संभालने की पर शायद गुरु महाराज ने इतनी सांस दी थी। उमेश दोनों बच्चों के लिए मेरा सपना पूरा करना। संदीप भाई पूरे परिवार को संभाल लेना प्लीज, मैं खुद गुनाहगार हूं।
सोशल एक्टिविस्ट से चैटिंग में कहा- अफसर कमजोर है, मुझे गंदी राजनीति में फंसाने की कोशिश हो रही है………….

सोशल एक्टिविस्ट के साथ हुई व्हाट्सएप चैटिंग के स्क्रीन शॉट्स
इसके अलावा यह भी पता चला है कि खुदकुशी से एक दिन पहले इंस्पेक्टर विष्णु दत्तने अपने परिचित सोशल एक्टिविस्ट से व्हाट्सएप पर चैटिंग की थी। जिसमें लिखा था राजगढ़ में उन्हें गंदी राजनीति के भंवर में फंसाने की कोशिश हो रही है। ऐसे में वह अब स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले है। यहां के ऑफिसर बहुत कमजोर है। इस व्हाट्सएप चैटिंग के स्क्रीन शॉट भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए।मामले में डीजीपी भूपेंद्र सिंह का कहना है कि इसकी जांच करवाई जाएगी।
