“बता दें कि आरक्षक राकेश पाटीदार खरगोन के सुखपुरी कॉलोनी में निवासरत मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारी का पुत्र है और जनवरी माह में ही उसकी शादी हुई थी”
खरगोन/मध्यप्रदेश…………….
जिले के मेनगांव थानातंर्गत सोमवार की सुबह आरक्षक ने खुदकुशी के इरादे से नहर में छलांग लगा दी। कसरावद के समीप लोहारी से गुजर रही इंदिरा सागर नहर में आरक्षक राकेश (28 वर्ष) पिता देवराम पाटीदार ने छलांग लगा दी। नहर के पास निमाड़ ढाबे के सामने आरक्षक की बाइक मिली है। जानकारी निकालने पर पता चला कि आरक्षक बड़वानी जिले के सेंधवा ग्रामीण थाने पर पदस्थ है और एक दिन पहले ही ड्यूटी से अपने घर सुखपुरी खरगोन आया था। जान देने से पहले आरक्षक ने अपने भाई को वाट्सअप पर जो मैसेज छोड़ा है, उसमें यह कदम उठाने के लिए एक आत्मा को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस द्वारा ग्रामीणों की मदद से नहर किनारे सर्चिंग की जा रही थी। 25 घंटे की मशक्कत के बाद आरक्षक का शव नहर से बरामद कर लिया गया है। घटना स्थल पर मिले मोबाइल, चप्पल और बाइक को पुलिस ने जब्त किया है। फिलहाल खुदकुशी का कारण स्पष्ठ नही हो सका है फिलहाल पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है।
खुदकुशी से पहले आरक्षक ने अपने भाई को वाट्सएप पर मैसेज किया…………

सोमवार की सुबह आरक्षक घर से निकला और सीधे लोहारी पहुंचा। कुछ देर बाद उसने नहर में छलांग लगा दी। खुदकुशी से पहले आरक्षक ने अपने भाई को वाट्सएप में मैसेज किया था। भेजे मैसेज में राकेश ने लिखा मेरी गाड़ी नहर के पास से ले जाना भैय्या। मैं नहर में कूद रहा हूं। लव यू बाबू तुमकों हमेशा मिस करूंगा…मैं बहुत परेशान हूं, बाबू अब मैं जी नहीं सकता…बाय बाय लव यू। मोबाइल और गाड़ी की चाबी सीट के नीचे है और पर्स भी।
