“सागर में पिछले 50 दिनों में एक के बाद एक तीसरे पुलिसकर्मी द्वारा रेल के सामने कूदकर आत्महत्या करने के मामले सामने आने से सागर पुलिस भी हैरान है पहला प्रकरण सूबेदार राहुल यादव का सामने आया था इसके बाद टीकमगढ़ यातायात पुलिस के आरक्षक पदम चौधरी का शव भी रेलवे ट्रैक पर कुछ ही दिन पहले बरामद किया गया था जिसकी मौत की गुत्थी अभी तक सुलझ नहीं सकी है अब आरक्षक धरमदास पाल द्वारा आत्महत्या कर ली गई है लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों को लेकर सागर पुलिस पर भी सवाल खड़े होने लगे है”
सागर/मध्यप्रदेश…….
सागर पुलिस लाइन में पदस्थ धर्मपाल ने कल रात केंट के पास रेलवे ब्रिज से रेलवे पटरी पर कूदकर जान दे दी धर्मदास विदिशा जिले का रहने वाला था। वह करीब एक साल से लाइन में ड्यूटी कर रहा था। रात में उसका शव पटरी पर मिला इस आत्महत्या से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठ रहे हैं क्योंकि आज सिपाही ने आत्महत्या की है उसकी एक साल से विभागीय जांच चल रही थी, जिसकी वजह से सिपाही परेशान था।
क्या है मामला…….
मृतक धर्मदास को कटरा वाच टावर पर शराब पीने के मामले में सस्पेंड करते हुए लाइन हाजिर कर दिया था। करीब एक साल से लाइन में ही तैनात था।
साथी की मौत की खबर सुनकर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मर्चुरी पहुंच गए। सभी का कहना था कि धर्मदास मिलनसार था। उसे देखकर ऐसा नहीं लगता था कि वह किसी तनाव में हो।
हालांकि पुलिस के अधिकारी अभी इस मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं। पुलिस ने पुलिसकर्मी का शव परिजनों के हवाले कर दिया है और विवेचना शुरू कर दी है। सागर में हर महीने एक पुलिस वालों के आत्महत्या करके मौत होने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। तीन महीने में तीन आत्महत्या के मामले कहीं न कहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लगा रहे हैं। जिस प्रकार पुलिसकर्मी धर्मदास ने शनिवार की रात में पुल के ऊपर से रेलवे ट्रैक पर कूदकर अपनी जान दे दी, उससे लगता है कि किसी भारी तनाव से गुजर रहा था।
एक्सपर्ट व्यू……..
पुलिस में आत्महत्या के कारणों का शोध करने वालों का कहना है कि पुलिस में काम के घंटे निश्चित ना होना, किसी के झूठे आरोप पर जांच के समय उसके पक्ष को ना सुनना, छुट्टी का ना मिलना जैसे मामले पुलिसकर्मियों को ऐसे कदम उठाने को मजबूर करते हैं।
