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अब से राष्ट्रभाषा में परीक्षा दे सकेंगे मेडिकल छात्र,व्यवस्था लागू होने वाला देश का पहला राज्य बना मप्र

जबलपुर की नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल यूनिवर्सिटी देश की पहली यूनिवर्सिटी बन गई है जहां अब हिंदी में मेडिकल स्टूडेंट परीक्षा दे सकेंगे देश भर में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए जो प्रयास हो रहे हैं, यह उन प्रयासों की सफलता का बेहतर उदाहरण हैं”



जबलपुर/मध्यप्रदेश…….


प्रदेश के सभी मेडिकल ( MBBS ), नर्सिंग, डेंटल और आयुष कॉलेजों के छात्र अब हिंदी में भी परीक्षा दे सकेंगे कुछ माह पूर्व यह सुविधा होम्योपैथी और आयुर्वेद के छात्रों को दी गई थी जिसे अब सभी संकायों में लागू कर दिया गया है। मेडिकल यूनिवर्सिटी के इस निर्णय से मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य होगा जहां मेडिकल परीक्षा राष्ट्र भाषा हिंदी में भी देने में सुविधा होगी। 

मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रबंधन के मुताबिक इंग्लिश में कमजोर छात्रों के इस संबंध में कई आवेदन आये थे, इसमें यह देखने में आया कि बारहवीं कक्षा तक छात्र के बेहतर अंक आये, पढ़ने में होशियार लेकिन इंग्लिश में कमजोर होने के कारण मेडिकल परीक्षा में ऐसे छात्र फेल हो रहे थे, बोर्ड ऑफ़ स्टडीज ने ऐसे छात्रों की इस परेशानी पर यह निर्णय लिया है कि यूनिवर्सिटी से संबंधित सभी MBBS, होम्योपैथी और आयुर्वेद कॉलेजों में हिंदी या हिंदी – इंग्लिश   में प्रश्नों के उत्तर लिख सकते हैं। यह सुविधा MBBS, आयुर्वेद, होम्योपैथी, नर्सिंग, डेंटल, युनानी,योगा और नेचरोपैथी के छात्रों के लिए होगी, इसमें छात्र हिंदी या इंग्लिश के साथ ही मिश्रित हिंदी – इंग्लिश भाषा में परीक्षा दे सकता है लेकिन शर्त यह है कि उत्तर वैज्ञानिक आधार पर सही हो।

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