कानपुर/उत्तरप्रदेश…….
कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपी 5 लाख का इनामी गैंगस्टर विकास दुबे को यूपी एसटीफ ने एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया है। दुबे कल ही उज्जैन में गिरफ्तार हुआ था। एसटीएफ की टीम उसे रिमांड पर यूपी लेकर आ रही थी। तभी बीच रास्ते में एसटीएफ टीम की गाड़ी पलट गई है। जो गाड़ी पलटी, उसी में विकास दुबे सवार था। इसके बाद उसने पुलिस का हथियार छानकर भागने की कोशिश की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसके बाद हुए एनकाउंटर में विकास दुबे मारा गया।
क्या है पूरा मामला………….
विकास दुबे को दो से तीन गोलियां लगने की बात सामने आ रही है। इस बात की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। घटना में एसटीफ के दो जवानों के घायल होने की सूचना भी है। उनका प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।
गाड़ी की रफ्तार तेज होने की वजह से गाड़ी पलट गई
हादसे को लेकर यूपी एसटीएफ के अफसर अभी कुछ बोलने से बच रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि तेज बारिश और गाड़ी की रफ्तार तेज होने की वजह से गाड़ी पलट गई। जानकारी के अनुसार सचेंडी थाने के एक किलोमीटर आगे बर्रा थाने के पास हाईवे पर भारी बारिश के बीच गाड़ी पलट हई। घायल पुलिसकर्मियों को हैलट भेजा गया है। बताया जा रहा है कि गाड़ी पलटने के बाद उसने हथियार छीनकर भागने की कोशिश की मौके पर
एसएसपी और आईजी हैलट पहुंच गए हैं। कानपुर से करीब दो किलोमीटर पहले यह हादसा हुआ है, कुछ लोग घायल हुए हैं। आईजी रेंज मोहित अग्रवाल मौके पर पहुंच रहे हैं। वहीं हादसे में घायल सिपाहियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। विकास दुबे को कानपुर ला रही एसटीएफ की दो गाड़ियां पलट गई हैं।
कल ही विकास दुबे उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से गिरफ्तार किया गया था…………
प्राप्त जानकारी के अनुसार कल उसने महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए शुभम नाम से वीआईपी पर्ची कटाई थी। सूत्रों ने यह भी बताया कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान उसने कबूला कि वह बिकरू गांव में पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद सभी शवों को जला देना चाहता था। यह भी बताया कि उसे रेड की जानकारी एक दिन पहले ही मिल गई थी। यही नहीं, उसने दावा किया कि कई थानों में उसके मददगार हैं। उसने खुलासा किया कि शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा से उसकी बनती नहीं थी। उसने कहा कि सीओ ने मेरे साथियों को मारा था, इसलिए उन्हें मारा।
उज्जैन पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गैंगस्टर विकास दुबे को सबसे पहले महाकाल मंदिर के पास फूल की दुकान लगाने वाले राजेश माली ने पहचाना था। बता दें कि विकास दुबे को गुरुवार सुबह 9 बजे उज्जैन के महाकाल मंदिर में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के वक्त वह चिल्ला रहा था कि मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला।
हालांकि, उसकी कानपुर से इतनी दूर दूसरे राज्य में अचानक हुई गिरफ्तारी पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने विकास दुबे के मामले पर यूपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मामले की सीबीआई से जांच कराने को कहा है। विकास के खिलाफ 60 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन उसे अब तक एक में भी सजा नहीं हुई है।
कौन था विकास दुबे………..
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे साल 2001 में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री संतोष शुक्ला हत्याकांड का मुख्य आरोपी था। साल 2000 में कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र स्थित ताराचंद इंटर कलेज के सहायक प्रबंधक सिद्घेश्वर पांडेय की हत्या में भी विकास दुबे का नाम आया था। कानपुर के शिवली थानाक्षेत्र में ही साल 2000 में रामबाबू यादव की हत्या के मामले में विकास दुबे पर जेल के भीतर रहकर साजिश रचने का आरोप था।
साल 2004 में केबिल व्यवसायी दिनेश दुबे की हत्या के मामले में भी विकास आरोपी था। 2001 में कानपुर देहात के शिवली थाने के अंदर घुस कर इंस्पेक्टर रूम में बैठे तत्कालीन श्रम संविदा बोर्ड के चौयरमेन, राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त बीजेपी नेता संतोष शुक्ल को गोलियों से भून दिया था। कोई गवाह न मिलने के कारण केस से बरी हो गया था।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आना शुरू……………
दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज़ खुलने से सरकार पलटने से बचाई गयी है.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 10, 2020
विकास दुबे की एनकाउंटर को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं। सबसे पहले समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस पर तंज कसा है। उनका कहना है कि ' दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गयी है।
वीडियो देखें…………..
