HomeNews HeadlinesEVM को हैक करने का झांसा देने वाला,पुलिस के हत्थे चढ़ा

EVM को हैक करने का झांसा देने वाला,पुलिस के हत्थे चढ़ा

बता दें कि भिण्ड से कांग्रेस प्रत्याशी रमेश दुबे की मुलाकात अभय जोशी से हुई। बातचीत में युवक ने ढाई लाख रुपये प्रति मशीन मांगे। जिसकी आधी रकम पहले और आधी परिणाम के बाद देने का सौदा हुआ। जब दुबे का शक यकीन में बदल गया तो उन्होंने एसपी नवनीत भसीन को सूचित कर दिया और पड़ाव थाना पुलिस ने युवक को पकड़ लिया।



ग्वालियर/मध्यप्रदेश………….


ग्वालियर की पड़ाव पुलिस ने भिंड के कांग्रेस प्रत्याशी रमेश दुबे के सहयोग से एक युवक को गिरफ्तार किया है। अभय जोशी उर्फ नीरज सिंह राठौर ने दुबे को फोन कर झांसा दिया था कि वह ईवीएम हैक करने में उस्ताद है और चुनाव परिणाम को भी प्रभावित कर सकता है। 


क्या है मामला………….


रमेश दुबे के मुताबिक उनसे दिल्ली से किसी अजय सिंह ने बात की और कहा था कि उसे उनकी मदद के लिए बोला गया है। लेकिन किसने बोला है यह वह मिलने पर बताने की कहकर बात टाल गया। उसने कहा कि वो सॉफ्ट वेयर इंजीनियर को भेजेगा जो ईवीएम में चिप लगा देगा। जिससे परिणाम आपके पक्ष में होंगे। जब दुबे ने ईवीएम हैक करने का तरीका पूछा और कहा कि स्ट्रांग रूम में कैसे जाओगे तो उसने कहा कि उसके पास निर्वाचन आयोग का सर्टिफिकेट है और वह स्ट्रांग में कभी भी आ जा सकता है। लेकिन दुबे को पता था कि स्ट्रांग रूम में किसी के भी आने जाने का सवाल ही पैदा नहीं होता। युवक ने उनसे ग्वालियर में मुलाकात करना तय किया। युवक 12 वी पास है और जालौन उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। पुलिस के अनिसार अभय जोशी उर्फ नीरज सिंह राठौर को इंजीनियरिंग या ईवीएम के बारे में पर्याप्त जानकारी भी नहीं है। पुलिस के मुताबिक नीरज ने ईवीएम में हो रही छेड़छाड़ की खबरों के बीच अपना दिमाग चलाया था, और सोचा था कि किसी को झांसे में  लेकर रकम ऐंठी जाए। पुलिस के मुताबिक नीरज सिंह की ग्वालियर रिश्ते दारी है और उसका अक्सर ग्वालियर आना जाना लगा रहता है। पुलिस नीरज सिंह का बैकग्राउंड पता कर रही है। पुलिस इस बात की जांच भी कर रही है कि वह वाकई EVM हैकर है या सिर्फ झांसा दे रहा था और अब तक क्या कुछ गड़बड़ी कर चुका है?

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