बता दें कि मनोज कुमार सिंह बिहार के रहने वाले हैं और 1994 बैच के एसपीएस अधिकारी हैं। मनोज कुमार सिंह ने एसडीओपी लहार, सीएसपी भिंड, एडिश्नल एसपी के रूप में जिले में 7 साल का सफल कार्यकाल पूरा किया है। इस साल मनोज कुमार सिंह को केंद्र सरकार की तरफ से विशिष्ठ पुलिस अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है। फिलहाल उनका तबादला भोपाल हो गया है।
भिंड/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश पंचायत चुनाव से पहले भिंड एसपी मनोज कुमार सिंह का तबादला कर दिया गया है। उनके ट्रांसफर आर्डर के बाद भिंड जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने उन्हें एक अलग अंदाज में विदाई दी। अधिकारियों ने पहले तो एसपी को डोली में बैठा और फिर घूमाने लगे, इस दौरान डोली के आगे कई पुलिसकर्मी नाचते हुए नजर भी आए। इस भावुक विदाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल,ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन पर FIR कर सुर्खियों में आए पुलिस अधीक्षक ( SP) मनोज कुमार सिंह का भिंड से भोपाल ट्रांसफर हो गया। स्टाफ ने उन्हें फूलों से सजी डोली में बैठाकर विदा किया। पुलिस जवानों ने कहार बनकर डोली उठाई। ढोल-नगाड़ों के साथ जवानों ने अफसर को विदाई दी।
शनिवार को नवागत SP शैलेंद्र सिंह चौहान को मनोज कुमार सिंह ने चार्ज सौंपा। इसके बाद IPS मनोज कुमार सिंह की विदाई पार्टी डिडी के पास दावत वाटिका में हुई। इस दौरान मनोज कुमार सिंह ने कहा कि चंबल की माटी को सतत प्रणाम रहेगा। यहां के लोगों को कभी नहीं भूलूंगा। भिंड कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस और स्टाफ के अन्य लोग मौजूद रहे।
18 महीने के कार्यकाल तक भिंड में रहे

IPS मनोज कुमार सिंह 18 महीने भिंड में पुलिस अधीक्षक रहे। अब उन्हें पुलिस मुख्यालय में तैनात किया गया है। भिंड में तैनाती के बाद प्रसिद्ध दंदरौआ धाम में बड़ी चोरी हुई थी। इस चोरी का खुलासा उनके निर्देशन में टीम ने किया।
जिले को डकैतों से अपहरण मुक्त बनाने का काम हो या फिर भिंड में आई भीषण बाढ़ में लोगों को मदद मुहैया कराने का काम, सभी से मनोज कुमार सिंह लोगों की नजर में हीरो बन गए।
कोरोना महामारी के दौरान जब ऑक्सीजन की भारी किल्लत थी, लोगों को अस्पतालों में बेड नहीं मिल रहे थे।ऐसे हालात में भी मनोज कुमार सिंह ने मालनपुर औद्योगिक एरिया के प्लांटों से सप्लाई होने वाली ऑक्सीजन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की थी। जिससे जिले में ऑक्सीजन की कमी से मौत नहीं हुईं। कोरोना के दौरान ही सामाजिक पुलिसिंग से लोगों को जागरुक करने के लिए भी उनकी तारीफ हुई। जिले में बढ़ते गन कल्चर पर भी उन्होंने लगाम कसी।
मनोज कुमार सिंह के कार्यकाल में अंतरराष्ट्रीय नाइजीरियन ठग को पकड़े जाने की कार्रवाई की गई थी। अमेजन के जरिए गांजा तस्करी का खुलासा भी किया गया।
मंत्री के लोगों पर FIR दर्ज कराई थी
IPS मनोज कुमार सिंह ने पुलिस अधीक्षक पद पर रहते हुए खाद लूट के मामले में प्रदेश के सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया के गृह गांव में रहने वाले दबंगों पर FIR दर्ज कराई थी। यह लोग खाद लूट के मामले में आरोपी बने थे। इस मामले में फूप थाना की महिला SI को लाइन भेजा था। इस वजह से भी चर्चा में रहे थे। तभी से मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया के राडार पर आ चुके थे। चर्चा है कि IPS मनोज कुमार सिंह को भिंड से मुख्यालय भेजे जाने में मंत्री की अहम भूमिका रही है।
प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए,दुल्हन की तरह सजी डोली

विदाई पार्टी में उस समय लोग भावुक हो गए जब पार्टी खत्म होने पर होटल के दरवाजे पर सजी-धजी डोली लाई गई। दुल्हन की तरह जिस तरह डोली को सजाया जाता है, उसी अंदाज में डोली सजाई गई थी। स्थानांतरित हो रहे मनोज कुमार सिंह को अधीनस्थों ने उसमें बैठाया और जिले के कुछ थाना प्रभारियों ने डोली को कंधे पर उठा लिया। एसडीओपी गोहद नरेंद्र सोलंकी, थाना प्रभारी गोहद गोपाल सिंह सिकरवार, देहात थाना प्रभारी रामबाबू सिंह यादव, रौन थाना प्रभारी उदयभान यादव और एसआई ध्यानेंद्र सिंह यादव ने डोली को कंधा देकर मनोज कुमार सिंह के वाहन तक पहुंचाया।
मनोज कुमार की इस विदाई पार्टी में जिला कलेक्टर सतीश कुमार एस, एडीएम प्रवीण फुलपगारे, डीएफओ वीएस होतगी, सीएमएचओ डॉ. अजीत मिश्रा, एएसपी कमलेश कुमार खरपुसे भी शामिल हुए।
