“बता दें कि पीड़िता की बेटी ने अपनी मां को इंसाफ दिलाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिसके बाद गाजियाबाद कोर्ट ने इस मामले में धारा 302,325,328,506 के अलावा हड्डी तोड़ने और जबरन अल्कोहल पिलाने का मामला दर्ज किया जाने का आदेश दिया है”
गाजियाबाद/उप्र………….
उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद जिले में ऐसा मामला सामने आया है जहाँ वर्दी पुलिसवाला गुंडे की भूमिका अदा करती नज़र आई हैं। जिसके तहत कोर्ट ने ट्रोनिका सिटी थाने के पूर्व इंचार्ज और एसएसआई समेत कई अज्ञात पुलिसकर्मियों पर कस्टडी के दौरान हत्या और हड्डी तोड़ने का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
क्या था मामला…………..
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, गाजियाबाद कोर्ट ने ट्रोनिका सिटी के तत्कालीन थाना इंचार्ज श्यामवीर सिंह और तत्कालीन ड्यूटी इंचार्ज सीनियर सब इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह कुछ अज्ञात पुलिसकर्मियों और गुंडों के खिलाफ धारा 302 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
ट्रोनिका सिटी थाना क्षेत्र में 14 मई को एक महिला की पुलिस कस्टडी में हुई मौत मामले को कोर्ट ने सोमवार को संज्ञान में लेते हुए थाना प्रभारी श्यामवीर सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज कर जांच का आदेश दिए हैं। इस मामले में ट्रोनिका सिटी की रहने वाली मेनका त्यागी ने शिकायत की थी कि 13 मई को उसकी मां सरिता त्यागी को पुलिस अपने साथ लेकर गई थी। जहां उनके साथ थाने में मारपीट की गई। सरिता की बेटी की बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी कॉलरबोन, रिब्स टूटने के साथ बिसरा रिपोर्ट में ईथाइल अल्कोहल मिला था। इन सभी जानकारी के बाद कोर्ट ने मामले में रिपोर्ट दज करने का आदेश दिया है।
कैसे दिया था घटनाक्रम को अंजाम…………
दरअसल, पूरा मामला 13 मई 2018 का है। सूत्रों का कहना है कि ट्रोनिका सिटी थाना इंचार्ज श्यामवीर सिंह ने इलाके के कुछ गुंडों के कहने पर सरिता नाम की महिला को हिरासत में लिया और उसे थाने ले जाकर पीटा। महिला के साथ इतनी मारपीट की गई कि उसकी कई हड्डियां तक टूट गईं।
यही नहीं, इसके बाद इलाके के कुछ गुंडें थाने पहुंचे और महिला को जबरन थाने से उठा ले गए। इसके बाद आरोपियों ने महिला को जहरीली शराब पिलाई और फिर वापस थाने में लाकर छोड़ दिया।
वहीं, इस दौरान अपना जुर्म छिपाने के लिए थाना इंचार्ज श्यामवीर सिंह ने महिला को फर्जी दस्तावेज लगाकर कोर्ट में पेश करके जेल पहुंचाने की भी कोशिश की, लेकिन जेल में महिला की हालत को देखकर जेलर ने महिला को अस्पताल भेजने की हिदायत दे दी। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में महिला की मौत हो गई।
