ग्वालियर/भिंड/मप्र…………
अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं की पुलिस का खौफ इनके दिल से निकलता जा रहा है। सोचने योग्य बात है कि इनमें इतना हौसला आता कैसे है। क्या अधिकारियों के लिए पुलिसकर्मियों का मान सम्मान कुछ नही?? इन बाहुबलियों के बली के बकरे बनते हैं निचले तबके के पुलिसकर्मी ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के कुख्यात संवेदनशील जिले भिण्ड में देखने को मिला जहाँ पुलिसकर्मियों पर हमला करके हत्या के आरोपी को छुड़ा ले गए।
क्या है मामला………….

दरअसल भोपाल जेल से पेशी पर भिंड लाए गए हत्या के आरोपी भीम यादव को उसका भाई अपने साथियों की मदद से पुलिस टीम पर हमला कर छुड़ा ले गया। दो गाड़ियों में सवार होकर आए हमलावरों ने पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्ची झोंकी और उनकी जमकर पिटाई की। हत्या के आरोपी को उनकी हिरासत से छुड़ाया और पुलिसकर्मियों की 2 इनसास रायफलें लूट लीं। हमलावर एक सिपाही का भी अपहरण कर ले गए। यह सनसनीखेज घटना शुक्रवार रात 8 बजे ग्वालियर के महाराजपुरा थाने से करीब 3 किमी दूर लक्ष्मणगढ़ की पुलिया पर हुई।
घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए जेएएच में भर्ती किया गया है। ग्वालियर पुलिस ने हमलावर और फरार कैदी की तलाश में शहर व उप्र, राजस्थान की सीमा पर नाकाबंदी कर दी है। आरोपी भीम यादव को 30 सितंबर को ग्वालियर जेल से भोपाल जेल में शिफ्ट किया गया था। भीम पर भिंड में 2 फरवरी 2017 में डीजे के गार्ड राजेंद्र यादव की हत्या का मामला दर्ज है। शुक्रवार सुबह भोपाल पुलिस के हवलदार मायाराम के नेतृत्व में तीन सिपाही प्रमोद यादव, विवेक शर्मा और हकीम खान हत्यारोपी भीम यादव को लेकर ट्रेन से ग्वालियर आए थे। यहां से सड़क मार्ग से वे उसे भिंड कोर्ट में पेशी के लिए ले गए। पेशी कराने के बाद शाम को उसे लेकर ग्वालियर लौट रहे थे। पुलिसकर्मियों ने एक गाड़ी ग्वालियर के लिए किराए पर ली थी। यहां से उन्हें ट्रेन से भोपाल जाना था। बताते हैं कि रात करीब आठ बजे लक्ष्मणगढ़ पुलिया से 300 मीटर दूर ड्राइवर ने टॉयलेट के लिए गाड़ी रोक दी। इसी समय काले रंग की स्कॉर्पियो और सफेद रंग की एसयूवी एचआर 26 सीटी 5739 में सवार 12 से अधिक हथियारबंद बदमाश वहां आ धमके। इनमें भीम यादव का भाई देवेंद्र सिंह भी शामिल था।
फरार हुए आरोपी भीम यादव का आपराधिक रिकॉर्ड…………..

पुलिस गिरफ्त से फरार हुए भीम यादव पर भिंड जिले के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या के प्रयास व मारपीट के 17 मामले दर्ज हैं। भीम पर भिंड पुलिस की ओर से कई बार इनाम घोषित किया गया था। भीम की पत्नी अहमदपुर पंचायत में सरपंच भी रह चुकी है। 2015-16 में भीम यादव की शिकायत पर दो पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की गई थी।
