जम्मू कश्मीर…………
सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक, गुरुवार की देर रात आतंकियों ने तीन पुलिसकर्मियों का अपहरण कर लिया था और अब खबर है कि उनकी हत्या कर दी गई है। हिज्बुल मुजाहिदीन से कथित तौर पर संबंध रखने वाले एक ट्विटर हैंडल से इस अपहरण और हत्या की जिम्मेदारी ली गई। ये पुलिसवाले स्पेशल पुलिस ऑफिसर्स थे। आतंकियों ने कुछ दिन पहले पुलिसकर्मियों को इस्तीफ़ा देने और ड्यूटी पर न जाने को कहा था, वरना अंज़ाम भुगतने की चेतावनी दी थी। पिछले महीने भी कई पुलिसकर्मियों को आतंकियों ने अगवा कर लिया था। हालांकि, बाद में एक आतंकी के पिता की रिहाई के बाद उन्हें छोड़ा गया था।
पुलिसकर्मियों के शव वंगम इलाके में एक बाग से बरामद किये गये। इस जगह से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित एक गांव से उन्हें अगवा किया गया था। पुलिस ने मृतकों की पहचान कांस्टेबल निसार अहमद, दो विशेष पुलिस अधिकारियों – फिरदौस अहमद और कुलवंत सिंह के तौर पर की है। ये पुलिसकर्मी शोपियां जिला के कापरेन और हीपोरा इलाके से थे।
क्या है मामला…………
पुलिस ने बताया कि बाटागुंड गांव के निवासियों ने आतंकवादियों का पीछा किया और उनसे पुलिसकर्मियों को अगवा नहीं करने का अनुरोध किया, लेकिन आतंकवादियों ने हवा में गोली चलायी और ग्रामीणों को धमकी दी। उन्होंने बताया कि आतंकवादियों ने इलाके में एक नदी को पार किया और वहीं गोली मार कर पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी। निसार अहमद सशस्त्र पुलिस में कार्यरत थे, फिरदौस अहमद रेलवे में सेवा दे रहे थे जिन्हें कांस्टेबल बनाये जाने की प्रक्रिया चल रही थी जबकि कुलवंत सिंह कुलगाम पुलिस में तैनात थे। आतंकवादियों ने पुलिस कांस्टेबल के भाई को भी अगवा किया था, हालांकि बाद में उसे उन्होंने छोड़ दिया था। पुलिस के सूत्रों ने बताया कि आतंकियों ने पुलिस वालों को कथित तौर पर चेतावनी दी है और उन्हें इस्तीफा देने को कहा है। बता दें कि बीते दिनों अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास पाकिस्तान के सैनिकों ने बीएसएफ जवान की बर्बरतापूर्ण हत्या कर दी थी। पाकिस्तानी सैनिकों ने बीएसएफ जवान की गला रेत कर हत्या कर दी थी और फिर उसके शरीर में दो गोली भी मारे थे।
इससे पहले बीते दिनों दक्षिण कश्मीर के अलग-अलग इलाकों से आतंकवादियों ने 8 लोगों का अपहरण कर लिया। सूत्रों के अनुसार जिन लोगों का अपहरण वे सभी पुलिसकर्मियों के परिजन हैं। हालांकि, बाद में आंतिकयों ने उन्हें रिहा कर दिया था।
