HomeNews Headlinesनही रहे महान आध्यात्मिक गुरु दादा वासवानी,99 साल की उम्र में निधन

नही रहे महान आध्यात्मिक गुरु दादा वासवानी,99 साल की उम्र में निधन

पुणे/महाराष्ट्र………..


आज एक हृदय विदारक दुःखद समाचार आया है। आध्यात्मिक गुरु और साधु वासवानी मिशन के प्रमुख दादा जेपी वासवानी का 99 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। वह दुनियाभर में शाकाहार और पशु अधिकारों को बढ़ावा देते थे। साथ ही अपने करिश्माई व्यक्तित्व के चलते दुनियाभर में जाने जाते थे। इधर काफी समय से वह बीमार चल रहे थे। गुरुवार सुबह 9 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। 

मिशन की एक सदस्य ने बताया कि उम्र संबंधी बीमारियों के चलते उनका निधन हुआ। मिशन की सदस्य ने कहा उन्हें पिछले दिनों शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें बुधवार रात अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी थी। साधु वासवानी मिशन पुणे में स्थित एनजीओ है जिसके दुनिया भर में कई केंद्र हैं। वह गैर-सांप्रदायिक आध्यात्मिक गुरु थे हालांकि उनके समर्थकों में सिंधी समाज के लोग अधिक शामिल थे। दादा वासवानी 150 से ज्यादा किताबें भी लिख चुके हैं। दो अगस्त को उनका जन्मदिन आने वाला था जब वह पूरे 100 वर्ष के हो जाते।


कौन थे दादा वासवानी……….


दादा वासवानी का जन्म पाकिस्तान के हैदराबाद शहर 2 अगस्त 1918 को हुआ था। उनका पूरा नाम जशन पहलराज वासवानी था। उन्होंने फिजिक्स में पोस्टग्रैजुएशन किया। यहां तक कि उनकी थीसिस 'द स्कैटरिंग ऑफ एक्स-रे बाय सॉलिड्स' नोबल पुरस्कार विजेता सीवी रमन ने जांची थी जब दोनों के इस विषय पर विचार अलग थे। बता दें कि इस साल उनके समर्थकों ने उनके जन्म शताब्दी वर्ष के लिए कार्यक्रम आयोजित किया था जो सालभर चलने वाला था। इसमें सत्संग, कीर्तन और अन्य कार्यक्रम शामिल थे। 


उनके प्रशंसक पीएम नरेंद्र मोदी भी थे………


उन्होंने वैश्विक शांति के लिए मोमेंट ऑफ काम की अगुवाई की थी। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उनके 99वें जन्मदिन समारोह को संबोधित किया था। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि दादा वासवानी के शब्दों ने लोगों के लिए नए रास्ते खोले हैं। इस साल मई में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी उनके मिशन पहुंचे थे। बीजेपी के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी भी अक्सर मिशन आते थे।

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