भोपाल/मध्यप्रदेश………
मध्यप्रदेश में ऊंचाई कम होने के कारण पुलिस में भर्ती से बाहर की गईं लड़कियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सरकार से नाराज लगभग एक हजार लड़कियों ने 11 जून को आंदोलन की चेतावनी दी है।लड़कियों का आरोप है कि बीते साल मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस में महिला उम्मीदवारों की भर्ती के लिए ऊंचाई में छूट देने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि इस भर्ती के लिए महिलाओं के लिए लंबाई में 3 से 4 सेमी की छूट दी जाएगी। लेकिन लिखित और शारिरिक परीक्षा पास करने के बावजूद ऊंचाई कम होने के कारण प्रदेश के सैकड़ों लड़कियों को भर्ती से बाहर कर दिया गया ।
इसी संबंध में आज महिला उम्मीदवारों का नेतृत्व कर रहीं प्रीति शर्मा सीएम हाउस भी ज्ञापन लेकर पहुंची थी और मांग की 155 सेंटीमीटर वाली लड़कियों को भर्ती में शामिल किया जाए। उनका कहना है कि हमने तमाम परीक्षाएं पास की, लेकिन सिर्फ ऊंचाई के नाम पर हमें अयोग्य ठहरा दिया गया। यह लड़कियों के मामा शिवराज के ऐलान का सीधे तौर पर उल्लंघन है। प्रदेश में परीक्षा के सभी चरणों में सफल रहीं 1,000 से अधिक ऐसी लड़कियां हैं, जिनकी ऊंचाई 155 से 158 सेंटीमीटर के बीच है, सभी का भविष्य दांव पर है।
क्या थी घोषणा………
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री चौहान ने अक्टूबर 2017 में घोषणा की थी कि राज्य में गुंडों, मनचलों को ठीक करने के लिए बालिकाओं को 33 फीसदी आरक्षण देकर उन्हें खाकी वर्दी के साथ, उनके हाथ में डंडा थमाएंगे। और इसके लिए उन्होंने पुलिस भर्ती में बालिकाओं के लिए न्यूनतम उंचाई 158 सेंटीमीटर में छूट देने की घोषणा की थी। ऊंचाई में कितनी छूट दी जाएगी, इसे उन्होंने स्पष्ट नहीं किया था। अब 1,000 से अधिक लड़कियां पुलिस आरक्षक (कांस्टेबल) की लिखित परीक्षा, साक्षात्कार और अन्य परीक्षाएं पास कर चुकी हैं, लेकिन उन्हें कम ऊंचाई के कारण भर्ती से बाहर कर दिया गया है।
