हमीरपुर/कानपुर/उप्र…………..
कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद से फरार गैंगस्टर विकास दुबे के साथी अमर दुबे को बुधवार सुबह को पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया।
उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने विकास दुबे के साथी अमर दुबे को एनकाउंटर में मार गिराया है।
पुलिस मुठभेड़ में मृत अमर दुबे
एफआईआर में अमर का नाम 14वें नंबर पर था। आरोप है कि, अमर ने दस बदमाशों के साथ सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र को घसीटकर प्रेम कुमार पांडेय के घर के अंदर ले जाकर गोलियों और धारदार हथियार से हत्या कर दी थी। बताया जा रहा है कि बुधवार तड़के पुलिस से छिपकर भाग रहे अमर दुबे ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने उसे हमीरपुर के मौदहा में मार गिराया।
पुलिस को अमर के उस इलाके में छिपे होने का संदेह पहले से था क्योंकि उसकी कार औरैया के पास लावारिस मिली थी। पुलिस को अनुमान था कि विकास, अमर के साथ औरैया के चंबल के रास्ते मध्य प्रदेश भागा होगा या बीच में ही कहीं छिपा होगा। पुलिस उस इलाके में सख्त चौकसी कर रही थी। अमर के बुंदेलखंड में होने की सूचना पुलिस को लगी। जिस पर पुलिस ने वहां अमर की घेराबंदी कर ली।
पुलिस को अमर के विकास दुबे के साथ ही भागने की जानकारी तब हुई जब पुलिस को उसकी फोर्ड कार औरैया-दिबियापुर हाइवे पर मिली थी। डार्क ग्रे रंग की फोर्ड के पास से मंहगी चप्पल, कुछ दस्तावेज और कार के अंदर मिले दस्तावेजों से पुलिस को अमर के लखनऊ स्थित घर का पता चला था। जांच में सामने आया कि अमर दुबे विकास दुबे का साथी था।
विकास दुबे के साथ अमर दुबे नीली शर्ट में
घटना के दिन रात से था लापता…………
अमर दुबे की कार मिलने के बाद जब पुलिस ने घरवालों से पूछताछ की तो पता चला कि अमर दुबे 2 जुलाई की रात से लापता है। घरवालों का कहना था कि उसे एक फोन आया और वह तुरंत घर से निकल गया। सूत्रों का कहना है कि विकास दुबे को जब उसके घर पर दबिश देने की जानकारी हुई तो उसने अपने कुछ साथियों को बुलाकर पुलिस पर हमले की तैयारी कर ली थी।
कौन था अमर दुबे…….?????

अमर दुबे बिकरू शूटआउट के मास्टमाइंड विकास दुबे का रिश्तेदार है। उसका घर विकास दुबे के घर के पास ही है। वहबीते शुक्रवार सुबह बिकरू गांव से दो किमी दूर जंगल में मुठभेड़ में मारे गए अतुल दुबे का सगा भतीजा था। दो दिन पहले पुलिस ने अमर की मां क्षमा दुबे को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। आरोप है कि मुठभेड़ के समय कुछ पुलिसवाले जान बचाने के लिए आसपास के मकान में शरण लेना चाह रहे थे। लेकिन, पड़ोसी क्षमा ने घर का दरवाजा नहीं खोला और अंदर जाकर बदमाशों को घर के बाहर पुलिसवालों के होने की जानकारी दी। जिसके चलते छह पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
ग्रामीणों के अनुसार अमर दुबे, विकास का साया बनकर रहता था। वह शिवली थाना क्षेत्र का रहने वाला है। लेकिन कुछ वर्षों से वह बिकरूगांव में ही रह रहा था। कई बार पुलिस उसे गिरफ्तार भी कर चुकी थी। लेकिन विकास के रसूख के चलते वह हर बार छूट जाता था। ग्रामीणों ने बताया कि रंगदारी वसूलने से लेकर शराब के ठेकों से वसूली करने का काम अमर दुबे के ही जिम्मे विकास दुबे ने छोड़ रखा था। कई ऐसे विकास दुबे के काम थे। जिन्हें अमर दुबे करता था और विकास दुबे आंख बंद करके इस पर विश्वास करताथा। अमर दुबे पर चौबेपुर थाने में पांच केस दर्ज हैं।
पुलिस द्वारा जारी बदमाशों की लिस्ट में लाल ऐरो में अमर दुबे
