सीधी/मध्यप्रदेश………….
मध्यप्रदेश के सीधी जिले के मझौली थाना में शाबेरा अंसारी प्रशिक्षु डीएसपी पद पर पदस्थ हैं। जनता कर्फ्यू के दौरान पिता सीधी आए हुए थे। जहां वह अपनी बेटी के पास थे।
पीएचक्यू के आदेश के बाद पुलिस अधीक्षक आर एस बेलवंशी के निर्देशन पर पिता अशरफ अली अंसारी को मझौली थाने में आमद देनी पड़ी। बता दें कि अशरफ अली इंदौर के लसूड़िया थाने में उप निरीक्षक पद पर पदस्थ हैं। वे वर्ष 1988 में कांस्टेबल पद पर चयनित हुए थे प्रमोशन के बाद अब वह उप निरीक्षक पद पर कार्य कर रहे हैं।
शाबेरा अंसारी बचपन से ही देश भक्ति पर भरोसा करती थी। दरअसल पिता भी देशभक्ति को लेकर बेटी को प्रेरित करते रहे हैं। जिसका नतीजा यह रहा कि वर्ष 2013 में वह सब इंस्पेक्टर पद पर सेलेक्ट हो गई और वर्ष 2016 में ज्वाइन भी कर लिया। लेकिन वे पीएससी की तैयारी करती रही थी। पीएससी क्वालिफाइड किया और 2018 में डीएसपी पद पर ज्वाइन किया। 9 दिसंबर 2019 को वह सीधी में प्रशिक्षु डीएसपी पद पर काम कर रही हैं।
अनुभवी पिता से सीख रहीं हैं पुलिसिंग के गुण…………..
बता दें कि अशरफ अली ने अपने नौकरी के तजुर्बे को साझा करते हुए बेटी और स्टाफ के लोगों को बताया कि कानून की जानकारी के लिए पहले तो किताब पढ़ना जरूरी है। इसके साथ ही अपने सीनियर चाहे वह सिपाही ही क्यों न हो यदि उसे कानून की जानकारी है तो उसके पूछना चाहिए तभी हम सही न्याय देने में सफल होंगे। जानकारी लेने में कभी भी किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए। सीनियर सब इंस्पेक्टर होने के कारण अशरफ अली को कानून का अच्छा ज्ञान है। ऐसे में डीएसपी बेटी ने पिता को अपनी डायरी दिखाई।
क्या कहना है इनका…………..
शाबेरा अंसारी डीएसपी ने कहा कि पिता के साथ काम करने पर यह सीखने को मिला कि हमेशा कूल डाउन होकर देश और समाज का काम करना चाहिए। कूल डाउन से काम करने पर हमेशा सकारात्मक काम होते हैं और लोगों को न्याय भी मिलता है। मुझे पिताजी के साथ काम करने का मौका मिला है मैं पूरी शिद्दत के साथ काम कर रही हूं और सीख भी रही हूं।
―शाबेरा अंसारी, थाना प्रभारी,डीएसपी मझौली।
