“बता दें कि प्रदेश के कई जिलों में पैर पसार रहे माफियाओं पर नकेल कसने के लिए कमलनाथ सरकार ने यह अभियान शुरू किया है। हर जिले के माफियाओं की सूची बनाकर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं”
इंदौर/मध्यप्रदेश……………….
मध्यप्रदेश में माफियाओं के खिलाफ अभियान चल रहा है। पिछले दिनों मानव तस्करी, अवैध निर्माण से जुड़े मीडिया हाउस के संचालक पर कार्रवाई करने में देरी किए जाने पर कपूर पर गाज गिरी है। आरोपी जीतू सोनी पर पुलिस ने कुल 30 हजार का इनाम घोषित किया है और वह कई दिनों से फरार चल रहा है। पुलिस कई स्थानों पर छापे मार रही है, मगर हाथ खाली है। सरकार की सख्ती के बावजूद कई अफसर माफियाओं पर मेहरबान हैं। इसी क्रम में प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने माफियाओं को संरक्षण देने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। पहली कार्रवाई इंदौर जोन एडीजी वरुण कपूर के खिलाफ की गई है। सरकार ने इंदौर जोन के एडीजी वरुण कपूर को हटा दिया है। उनकी जगह एडीजी मिलिंद कानस्कर को इंदौर जोन की जिम्मेदारी सौंपी है। वरुण कपूर पर माफिया जीतू सोनी को संरक्षण देने और उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का आरोप है।
क्या है पूरा मामला……………
प्राप्त जानकारी के अनुसार,सरकार वरुण कपूर के माफिया जीतू सोनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज थी। सरकार को यह शिकायत भी मिली थी कि वरुण कपूर माफिया पर कार्रवाई से बच रहे थे। सरकार ने माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए अफसरों को फ्री हैंड दिया था, फिर भी वह जीतू सोनी के खिलाफ कार्रवाई न करने के पक्ष में थे। बताया गया कि जब वरुण कपूर ने जीतू सोनी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तब डीआईजी रुचि वर्धन मिश्र को कार्रवाई के निर्देश दिए गए सरकार की तरफ से हरी झंडी मिलते ही रुचि वर्धन मिश्र ने 4 घंटे के अंदर जीतू सोनी पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की और उसके माफियाराज को खत्म कर दिया।
सरकार के रडार पर कई अफसर…………….
प्रदेश में मिलावटखोरों के बाद सरकार माफियाओं पर शिकंजा कस रही है। इसके तहत उन अफसरों की सूची तैयार की जा रही है, जिन पर माफियाओं को संरक्षण देने के आरोप हैं। वरुण कपूर को जनवरी में एडीजी बनाया गया था उनसे पहले पलासिया थाने के टीआई पर कार्रवाई की गई थी। टीआई शशिकांत चौरसिया ही जीतू सोनी मामले की जांच कर रहे थे। ऐसे अफसरों की सरकार पूरी फेहरिस्त बना रही है। वरुण कपूर के बाद अब दूसरे अफसरों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है। राज्य सरकार को मिली सूचनाओं के मुताबिक इंदौर जोन में कई ऐसे पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी हैं, जिनके सोनी व कुछ अन्य माफियाओं से निकट संबंध हैं।

