पन्ना/मध्यप्रदेश…………….
मध्यप्रदेश के पन्ना जिला अंतर्गत अमानगंज थाना परिसर में गुरूवार को भाजपा नेता कृष्णकुमार पांडेय द्वारा जहर खाकर आत्महत्या करने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। बीते दिन थाना प्रभारी की प्रताडऩा से भाजपा नेता की मौत के बाद एसपी मयंक अवस्थी ने बड़ी कार्रवाई की है। बताया गया कि भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष कृष्णकुमार पांडेय को आत्महत्या के लिए उकसाने वाली थाना प्रभारी सुनीता जाटव को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही तीन महिलाओं और 4 पुरुषों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। वहीं पूरे मामले की कराई न्यायिक जांच कराई जाएगी। जांच के लिए खुद पन्ना पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने पत्र लिखा है। इधर शुक्रवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में भाजपा नेता मृतक कृष्ण कुमार पाण्डेय का उनके निज निवास कमताना में अंतिम संस्कार किया गया है। अमानगंज थाना परिसर में हुई बड़ी वारदात को लेकर पूरे मामले की निगरानी एडिशनल एसपी बीकेएस परिहार कर रहे है। पूरा थाना परिसर पुलिस छावनी में तब्दील है। गांव में जगह-जगह पुलिस का पहरा है।
क्या था मामला…………….
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक भाजपा नेता कृष्ण कुमार पाण्डेय के भाई भरत पाण्डेय ने घटना को लेकर पुलिस को जो आवेदन दिया है उसमे कहा गया है कि आरोपी गणो द्वारा आये दिन उनके भाई की झूठी शिकायते पुलिस में की जा रही थी फर्जी शिकायते कर थाने और गांव में बेईज्जत कर रहे थे। जिसको लेकर पुलिस के समक्ष उनके भाई द्वारा कई बार अपना पक्ष रखा गया परंतु अमानगंज थाना प्रभारी आरोपीगणो का पक्ष निरंतर लेती रही और उसके चलते उनका भाई प्रताड़ित हो रहा था। दिनांक 7 नवम्बर को उक्त लोगो द्वारा की गयी झूठी शिकायत के आधार पर 100 डायल पुलिस थाने ले गयी। थाने में मेरी भाभी और उनके बच्चो तथा अन्य घरवालो तथा थाना प्रभारी सुनीता जाटव के सामने आरोपी गणो द्वारा दुर्व्यवहार किया गया। थाना प्रभारी सुनीता जाटव आरोपी गणो की झूठी शिकायत पर केश बनाये जाने की धमकी दे रही थी। आरोपियो तथा थाना प्रभारी के इस रवैये और हुई बेईज्जती से आहत और तंग होकर उनके भाई द्वारा थाने के अंदर ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली।
पत्नी ने पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप लगाए…………

पांडे की पत्नी का यह भी आरोप है कि पुलिस सब-इंस्पेक्टर पैसों के लालच में पांडेय को बार-बार पूछताछ के लिए थाने बुलाती थी जिससे पांडेय बहुत परेशान और दुखी थे। पन्ना जिला अस्पताल में बीजेपी नेता केके पांडेया के मजिस्ट्रेरियल बयान नायब तहसीलदार अंकिता तिवारी ने दर्ज किए है लेकिन उसे अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पांडेय की पत्नी ने आरोप लगाया है कि एक महिला पांडेय को काफी दिनों से परेशान कर रही थी। वह समय-समय पर पुलिस में झूठी शिकायत भी दर्ज करा देती थी। गुरुवार को उसने अपनी छोटी बहन से उनके ऊपर दुराचार करने का आरोप लगवाते हुए थाने में शिकायत दर्ज करा दी। उसी से आहत होकर पांडेय ने यह कदम उठाया।
गौरतलब है कि के के पांडे ब्राह्मण समाज के संभागीय अध्यक्ष भी थे। अपनी बदनामी होते देख उन्होंने पहले से जेब में रखीं सल्फास की गोलियां निकाली और थाने में ही उन गोलियों को गटक लिया। हालत गंभीर होने पर पुलिस आनन-फानन में उन्हें पन्ना जिला अस्पताल ले गई। वहां से उन्हें रीवा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया। बीच रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ मामला…………..
थाना पुलिस द्वारा आईपीसी की धारा 306 के तहत जिन आरोपियो के विरूद्ध मामला पंजीबद्ध किया गया है उनमें श्रीमती अर्चना प्यासी निवासी मोहल्ला बेनीसागर पन्ना, विजय ओमरे निवासी बेनीसागर मोहल्ला पन्ना, सानू मिर्जा निवासी टिकुरिया मोहल्ला पन्ना, संदीप उर्फ बब्लू चौबे, बब्ली चौबे, श्रीमती शीला चौबे, स्वामी चौबे सभी निवासी ग्राम कमताना शामिल है।
इनका कहना…………..
स्थितियां पूरी तरह से नियंत्रण में है घटना के संबंध में मृतक के भाई द्वारा दिये गये आवेदन के बाद सभी 7 आरोपियो के विरूद्ध आई पीसी की धारा 306 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। थाना प्रभारी निलंबित कर दी गयी मामले की जांच के लिये टीम बनायी गयी है आरोपियो की गिरफ्तारी की जायेगी।
–बी.के.एस.परिहार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पन्ना।
