“एसटीएफ ने इनामी बदमाश सचिन पांडेय के पास से पिस्टल, कारतूस, मोबाइल फोन और 27 हजार पांच सौ रुपये बरामद किए हैं”
लखनऊ/उत्तरप्रदेश……………
राजधानी लखनऊ में रविवार को मुठभेड़ में एसटीएफ ने 50 हजार के इनामी कांट्रेक्ट किलर को मार गिराया। विभूतिखंड स्थित विनम्र खंड तीन में एमिटी इंटरनेशनल स्कूल के पास इनामी बदमाश सचिन पांडेय को गोली लगी। जिसके बाद उसे लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि बदमाश पर हत्या लूट रंगदारी वसूली के दर्जनों मामले दर्ज हैं। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसकी मौत हो गई। एसटीएफ के मुताबिक, एक इंस्पेक्टर की सुपारी लेकर हत्या करने की फिराक में सचिन लखनऊ आया था। इतना ही नहीं वह आजमगढ़ के एक प्रधान की हत्या की भी प्लानिंग कर रहा था। बीते दिनों कप्तानगंज में फायरिंग कर लूट की वारदात को भी उसने अंजाम दिया था।
क्या है पूरा मामला…………….
प्राप्त जानकारी के अनुसार मूलरूप से थाना निजामाबाद, आजमगढ़ का रहने वाला सचिन पांडेय पुत्र दिनेश पांडेय भाड़े का शूटर था। एसएसपी एसटीएफ राजीव नारायण मिश्र के मुताबिक, मुखबिर की सूचना पर एक टीम विनम्र खंड भेजी गई थी। पुलिस टीम को देखते ही सचिन ने फायरिंग कर दी। बचाव में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सचिन को करीब चार से पांच गोलियां लगी। एक गोली उसकी ठुड्डी के पास और तीन सीने और पेट में लगी। उधर, एसटीएफ का कहना है कि आरोपित को कुल कितनी गोलियां लगी हैं, इसकी अभी पुष्टि नहीं हो सकी है। पोस्टमॉर्टम के बाद स्पष्ट जानकारी हो सकेगी।
आपराधिक इतिहास…………..
एसटीएफ के मुताबिक, सचिन पर तकरीबन 22 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह सुपारी लेकर लोगों की हत्या करता था। छानबीन में पता चला है कि उसने बिहार में भी कई संगीन घटनाएं की हैं। वर्ष 2016 में आजमगढ़ में आरोपित ने एक ट्रेनी आइपीएस के गनर रजनीश को गोली मार दी थी। इसके अलावा उस पर हत्या, जानलेवा हमला, लूट और रंगदारी समेत अन्य कई मुकदमे हैं। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिन से सचिन राजधानी में छिपकर रह रहा था, जिसकी भनक स्थानीय पुलिस को नहीं लग सकी थी। आरोपित एक इंस्पेक्टर की हत्या के इरादे से लखनऊ आया था और रेकी कर रहा था। रविवार दोपहर में सचिन चाय की दुकान पर बैठा था। इसी बीच पुलिस टीम ने घेराबंदी कर एनकाउंटर में उसे मारा गिराया।

