टीकमगढ़/मध्यप्रदेश…….
लगभग एक माह पूर्व 24 फरवरी की रात्रि 9 बजे के लगभग लूट सहित अन्य अपराधों में फरार चल रहे उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के कुरैंचा निवासी आरोपी रविन्द्र रजक पुत्र सुखलाल रजक ने अपने साथी नीलू रैकवार के साथ पुलिस पर हमला कर दिया था।
इस घटना में टेहरका थाने में पदस्थ आरक्षक राजबहादुर यादव के सीने में गोली लगी थी और उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद मुख्य आरोपी रविन्द्र फरार हो गया था, जबकि नीलू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। घटना के बाद से आरोपी रविन्द्र फरार बना हुआ था और पुलिस उसकी हर संभव जगह तलाश कर रही थी।
क्या था मामला………
विदित हो कि फरार आरोपी रविन्द्र रजक के ऊपर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लूट सहित अन्य अपराध पंजीबद्ध है।
24 फरवरी को टेहरका पुलिस को सूचना मिली थी कि रविन्द्र अपने साथी के साथ पृथ्वीपुर की ओर जा रहा है। सूचना पर टेहरका पुलिस के चार सदस्यीय टीम उसका पीछा करते हुए खिस्टौन तिगैला पर पहुंची।
यहां पुलिस ने उन्हें रोका तो रविन्द्र भाग निकला जबकि उसके साथी नीलू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
नीलू को छुड़ाने आए रविन्द्र ने राजबहादुर को गोली चला दी थी और उसकी मौत हो गई थी।
एसपी कुमार प्रतीक ने मीडिया को बताया……..
पुलिस कंट्रोल रूम में SP कुमार प्रतीक ने खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी रविंद्र और नीलू रैकवार पृथ्वीपुर थाना क्षेत्र के स्थान पर छुपे हुए थे तभी हमारी पुलिस टीम ने गिरफ्तार करने गई तो रविंद्र ने आरक्षक राजबहादुर की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए लगातार प्रयासरत थी और अंततः उसे गिरफ्तार कर ही लिया गया। आरोपी रविंद्र के साथ तीन अन्य को गिरफ्तार किया गया है,जिन्होंने आरोपी का सहयोग किया था।
आरोपी और उसकी प्रेमिका रूबी रैकवार को दिल्ली के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया है।
घटना के बाद आरोपी की प्रेमिका ने उसके कपड़े छिपाए थे और लगातार उसका भागने में सहयोग कर रही थी।
इसके साथ ही बाबूलाल यादव और राजेश तिवारी को भी गिरफ्तार किया गया है इन्होंने भी आरोपी रविंद्र का हत्या के बाद सहयोग किया था।
यूपी में भी हत्या के मामलें में वांछित है आरोपी……..
SP कुमार प्रतीक ने बताया कि रविंद्र आदतन अपराधी है और जिले के विभिन्न थानों में उसके विरुद्ध 18 से ज्यादा प्रकरण दर्ज हैं।
इसके साथ ही जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के किसी थाने में इसके विरुद्ध 302 का मामला पंजीबद्ध है। फिलहाल पुलिस ने इस हत्याकांड के सभी आरोपियों को जेल की सलाखों में भेज दिया है।
