बता दें कि इस मामले में आरोपी सब इंस्पेक्टर भास्कर शर्मा को स्टेशन रोड थाना प्रभारी सहित स्टाफ थाने में बैठाकर कानूनी पेचीदगियां बता रहा है। लेकिन मंगलवार को जब पीड़ित युवती का पिता रामनिवास अपने बेटे के साथ एसपी डॉ. असित यादव के निर्देश पर एफआईआर कराने पहुंचा तो टीआई ने उनसे कह दिया कि!! मैं आपके हाथ जोड़ता हूं। मैं लड़के के खिलाफ FIR नहीं कर सकता। आज के बाद तुम लोग थाने मत आना।
मुरैना/मध्यप्रदेश…………
दहेज के दानव की जड़ें समाज में किस हद तक पहुंच चुकी हैं की प्रशासन भी इनसे अछूता नहीं रह पाया है। इसे लेकर शासन तथा प्रशासन द्वारा बड़ी-बड़ी योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। लेकिन प्रशासन के ही कर्मचारी इसका हिस्सा बन जायें तो हो गयी महिला की रक्षा एवं सुरक्षा इसका जीता जागता उदाहरण देखने को मिला जब दतिया में पदस्थ मुरैना के सब इंस्पेक्टर भास्कर शर्मा ने दहेज में 22 लाख रुपए लेने के बाद भी बारात लेकर नहीं पहुंचा। इस जले पर नमक छिड़कने का काम तब हुआ पीड़ित युवती का पिता व भाई अपनी फरियादी लेकर डीआईजी अशोक गोयल के पास पहुंचे। डीआईजी ने तत्काल उनको आवेदन सहित एसपी डॉ. असित यादव के पास भेजा। एसपी ने फरियादी से कहा कि तुम अभी स्टेशन रोड थाने जाओ-अभी तुम्हारी कायमी होगी। लेकिन जब पीड़ित फरियादी रामनिवास तिवारी व उनका बेटा अवधेश एफआईआर लिखाने स्टेशन रोड थाने पहुंचे तो टीआई ने उनसे कह दिया कि मैं तुम्हारे हाथ जोड़ता हूं इस मामले में कायमी नहीं कर सकता। आज के बाद थाने मत आना। इसके बाद पीड़ित फरियादी अपना आवेदन लेकर लौट आए।
क्या था मामला…………..
जानकारी के अनुसार मुरैना शहर की पुरानी हाउसिंग कॉलोनी में रहने वाले रामनिवास तिवारी ने अपनी बेटी प्रियंका (21) की शादी गंजरामपुर के देवीसिंह का पुरा में रहने वाले युवक भास्कर (25) पुत्र छोटेलाल शर्मा के साथ तय की थी। युवक भास्कर शर्मा सब इंस्पेक्टर के रूप में दतिया पुलिस लाइन में पदस्थ है। भास्कर के परिजन ने शादी में 22 लाख रुपए कैश मांगे थे। लगुन-फलदान में 22 लाख रुपए कैश लेने के बाद सब इंस्पेक्टर भास्कर ने अपने साले अवधेश तिवारी के मोबाइल पर कॉल करके कहा कि मेरी इच्छा शादी में 15 लाख कीमत की क्रेटा कार लेने की है। 22 लाख रुपए नकद देने के बाद रामनिवास की इतनी महंगी कार देने की स्थिति में नहीं थे। फिर भी उन्होंने नाते-रिश्तेदारों के जरिए संदेश पहुंचाया कि शादी हो जाएगी तो कहीं से भी इंतजाम करके कार दे देंगे। रामनिवास ने 10 जून को बेटी की शादी के कार्ड भी नाते-रिश्तेदारों में बांट दिए। रामनिवास 10 जून को बारात आने का इंतजार करते रहे लेकिन सब इंस्पेक्टर भास्कर व उसके परिजन बारात लेकर ही नहीं पहुंचे।
