“मातृभूमि की सुरक्षा में तैनात जवान ने शायद ही ये सोचा होगा कि उसके जाने के बाद उसका परिवार अपने हक़ के लिए दर-दर भटकेगा”
ग्वालियर/मध्यप्रदेश………..
जय जवान और जय किसान!! के देश में आज सबसे ज्यादा परेशान जवान और किसान ही है। इन दोनों के नाम पर अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने वाले नेता शायद ये भूल जातें हैं। की इनके दम पर ही हम जीवित और सुरक्षित हैं। सिस्टम ऐसा होना चाहिए कि किसान और जवान का खून पसीना इस धरती पर गिरने से पहले उसका हक उसे मिल जाना चाहिए लेकिन वाह रे!! सिस्टम और इसमें अपने एयर कंडीशनर कमरों में बैठें अधिकारी व राजनेता शायद ही शहीद के परिवार का दर्द समझ सकें। मातृभूमि की सुरक्षा में तैनात जवान ने शायद ही ये सोचा होगा कि उसके जाने के बाद उसका परिवार अपने हक़ के लिए दर-दर भटकेगा।
क्या है मामला………..
छत्तीसगढ़ के सुकमा में एक वर्ष पूर्व 13 मार्च को नक्सलियों के हमले में शहीद जवान रामकृष्ण सिंह तोमर के परिजन को एक साल बाद भी शहीद का प्रमाण-पत्र राज्य शासन ने जारी नहीं किया है। डीडी नगर में रहने वाली शहीद की पत्नी प्रभा देवी ने प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखा है। सुकमा में विगत वर्ष हुए नक्सलियों के हमले में सीआरपीएफ के 9 जवान शहीद हुए थे। शहीद के परिजन को राज्य शासन का प्रमाण-पत्र न मिलने से शहीद के परिजन शासकीय सुविधायों से वंचित हैं। शहीद की पत्नी प्रभा देवी ने पत्र में सीएम कमलनाथ से न्याय की मांग की है।
No1 POLICE डॉट कॉम की मांग………….
No1 POLICE डॉट कॉम राज्य शासन से माँग करता है कि शहीद के परिवार को अविलंब प्रमाण पत्र जारी किया जाए जिससे शहीद के परिजन शासकीय सुविधायों का लाभ ले सकें। जिससे मातृभूमि की रक्षा में तैनात शहीद जवानों के परिवार का मनोबल न गिरे और उनके परिजनों को ये अनुभूति हो के दुःख के समय में राज्य शासन व आमजन उनके साथ खड़े हैं।
