“बता दें कि इस नेक काम के लिए एसएचओ विनोद दीक्षित की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है कुछ यूजर्स ने कहा कि ऐसे लोगों को देश का लीडर होना चाहिए”
इंदौर/मध्यप्रदेश…………
मध्यप्रदेश के इंदौर में एक पुलिसकर्मी एक लड़के की मदद करने के लिए शिक्षक बन गए हैं। दरअसल वो लड़का बड़ा होकर पुलिसकर्मी बनना चाहता है। उसके अरमानों को पंख लगाने के लिए इंदौर के पलासिया थाना प्रभारी (SHO) विनोद दीक्षित इन दिनों दोहरी भूमिका निभा रहे हैं, ड्यूटी के बाद रात को स्ट्रीट लाइट के नीचे एक गरीब बच्चे के सपनों को पंख लगाने की कोशिश करते हैं, जो उनके जैसा बनना चाहता है।
कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए किए गए लॉकडाउन में दिन-रात सेवाएं दे रहे पुलिसकर्मियों से एक छात्र इतना प्रभावित हुआ कि उसने ठान लिया कि वह भी पुलिस अफसर ही बनेगा। जिसके लिए उसे खुद स्ट्रीट लाइट पर पलासिया थाना प्रभारी विनोद दीक्षित पढ़ा रहे हैं। इतना ही नहीं थाना प्रभारी के कहने पर छात्र ने फिजिकल एक्सरसाइज और रनिंग करना भी शुरू कर दिया है।


क्या है पूरा मामला………….
प्राप्त जानकारी के अनुसार,विनोद दीक्षित क्षेत्र में सख्ती से लॉकडाउन का पालन करवा रहे थे। इस दौरान छात्र राज मनावरे उनसे काफी प्रभावित हुआ और उनसे जाकर कह दिया कि मुझे भी आपके जैसा बनना है। इस बात को सुन विनोद ने राज से कहा कि उनके जैसा बनने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ काफी मेहनत करनी होगी, शारीरिक रूप से मजबूत होना होगा। ये बात सुन राज ने उसी दिन से फिजिकल एक्सरसाइज भी शुरू कर दी।
बच्चे की मेहनत और लगन देख थाना प्रभारी उससे काफी प्रभावित हुए और उसे पढ़ाने का जिम्मा भी खुद उठा रहे हैं। जिसके बाद रोजाना रात को चौराहे पर थाना प्रभारी अपना स्कूल खोलते हैं और उनकी गाड़ी पर बने क्लास रूम में राज मन लगाकर मैथ और इंग्लिश सीखता है। थाना प्रभारी ने बताया कि ये सिलसिला कई महीनों से चल रहा है। राज की लगन को देखते हुए उन्होंने उसे पढ़ाने की ठानी है। उन्होंने बताया कि राज के दादा ठेला लगाते हैं, वे ज्यादा कुछ उसके लिए इंतजाम नहीं कर सकते हैं। जब वे राज को पढ़ाते हैं तो उनके मन को शांति मिलती है।

