बता दें की टीआई प्रीति भार्गव पहले भी विवादों के चलते सुर्खियों में रही हैं। इनके अलावा ग्वालियर पुलिस के सब इंस्पेक्टर पुलिसकर्मी लूट डकैती चोरी और तस्करी के आरोप में भी बर्खास्त हो चुके हैं।
अब देखना होगा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारी वर्दी की लाज बचाने के लिए इस तरह की हिटलर शाही अफसर के खिलाफ कार्रवाई करके अन्य पुलिसकर्मियों के लिए क्या?? नज़ीर पेश करतें हैं।
ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर उंगली उठी है जो कई सवाल खड़े कर रहें हैं। इस बार गिरवाई थाना की टीआई प्रीति भार्गव के खिलाफ मजदूरों ने जबरन मुचलका भारवाकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। एक मजदूर ने CM से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है, तो वहीं दूसरे मजदूर ने एसपी दफ्तर में टीआई के खिलाफ आवेदन दिया है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,मजदूर कल्याण सिंह ने टीआई प्रीति भार्गव पर जबरन मुचलका भरवाने और मारपीट करने का आरोप लगाते हुए CM से इच्छा मृत्यु की गुहार लगा दी है. कल्याण सिंह के मुताबिक 13 दिसंबर को प्रीति भार्गव और दरोगा सोनी ने उसे मोहल्ले से पकड़कर घसीटा और फिर थाने लाकर उससे जबरन मुचलका भरवा दिया। जब उसने बताया कि उसके खिलाफ कोई अपराध ही नहीं है तो फिर उसके साथ मारपीट की गई।
उधर गिरवाई इलाके में ही रहने वाले महाराज सिंह तोमर नाम के मजदूर ने भी टीआई प्रीति भार्गव के खिलाफ SP से शिकायत की है। महाराज सिंह के मुताबिक 31 दिसंबर को टीआई प्रीति भार्गव और दरोगा उसे दुकान के बाहर से पड़कर थाने ले गए। फिर उससे जबरदस्ती मुचलका भरवा लिया, जबकि उसके खिलाफ किसी तरह का अपराध ही नहीं था।
मजदूर कल्याण सिंह ने बताया कि टीआई प्रीति भार्गव की हरकत की वजह से उसे मोहल्ले में बेइज्जत होना पड़ा है। यही वजह है कि अब वह इंसाफ चाहता है।कल्याण सिंह ने शुक्रवार को एसपी दफ्तर में इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगने का आवेदन दिया तो वहीं मजदूर महाराज सिंह ने भी सीसी दफ्तर में शिकायती आवेदन दिया है। पुलिस अधिकारी दोनों आवेदनों के मामले में जांच कर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
