बता दें कि ट्रैफिक पुलिस के SI श्रीराम दुबे पर चाकू से हमला हुआ था। आरोपी हर्ष मीणा ने गाड़ी उठाने पर SI पर हमला किया था। विवाद नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी होने पर हुआ था ट्रैफिक पुलिस ने आरोपी की गाड़ी उठाई थी। जिससे गुस्से में आकर आरोपी ने चाकू से हमला कर दिया था। SI श्रीराम दुबे को पेट में चाकू लगने पर गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद एमपी नगर थाना पुलिस ने आरोपी हर्ष मीणा को गिरफ्तार किया था।
भोपाल/मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से एक दुखद खबर सामने आ रही है। बीते दिनों नो पार्किंग में चालान काटने को लेकर इंजीनियरिंग के एक युवक ने यातायात एसआई को चाकू मार दिया था जिससे उपचार के बाद एसआई की मौत हो गई है।
बीते दिनों हुई घटना में एक इंजीनियर छात्र ने यातायात एसआई को चाकू मार दिया था जिसके बाद एसआई श्री राम दुबे को निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहीं उपचार के दौरान एसआई श्री राम दुबे ने आज दम तोड़ दिया।
क्या था पूरा मामला
गौरतलब है कि,श्रीराम दुबे ट्रैफिक थाना में एसआई थे। उनकी ड्यूटी क्रेन में लगी थी। क्रेन एमपी नगर इलाके में नो-पार्किंग में खड़े वाहनों को उठाती है। बीते दिनों घटे इस घटनाक्रम के बाद,नो पार्किंग में खड़ी बाइक को क्रेन से उठा ले जाने के बाद चालान काटने के बीच हुए विवाद के बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके एक छात्र ने ट्रैफिक पुलिस के सब इंस्पेक्टर श्री राम दुबे को चाकू मार दिया था। युवक इतना अधिक गुस्से में था कि चालान की रकम भरने के बाद 15 मिनट तक मौके का इंतजार करता रहा और उसने बाद इस वारदात को अंजाम दिया।
क्या था पूरा घटनाक्रम
दरअसल,विगत दिनों कोलार इलाके में रहने वाले इंजीनियर हर्ष मीणा (27) की ज्योति टॉकीज के पास नो-पार्किंग में बाइक खड़ी थी। ट्रैफिक पुलिस की क्रेन इसे उठाकर क्राइम ब्रांच थाना परिसर ले आई। थोड़ी देर बाद हर्ष क्राइम ब्रांच थाना परिसर पहुंचा।
दुबे से 600 रुपए का चालान भरने के बाद ही गाड़ी छोड़ने की बात कही। हर्ष के पास पैसे नहीं थे। ऐसे में वह घर से पैसे लेने चला गया। घर से पैसे लेकर वापस आया फिर उसने चालान कटवाया।
इसके बाद वह वहीं खड़ा रहा। इसी बीच दुबे फोन पर बात करने लगे। तभी हर्ष ने जेब से चाकू निकाला और उनके पेट में घोंप दिया। शोर सुनकर मौके पर मौजूद क्रेन के हेल्पर हर्ष को पकड़ने दौड़े। वह एमपी नगर थाने की तरफ भागा। थाने के सामने ही उसे हेल्परों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया था।
