बता दें कि रिश्वत लेने के बाद पकड़े गए आरोपी जेल प्रहरी बालमुकुंद शर्मा व बंटी मीणा को कार्रवाई के लिए लोकायुक्त पुलिस कोतवाली ले गई। यहां उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज करते हुए गिरफ्तारी की गई। लेकिन इस दौरान दोनों ही आरोपियों की शक्ल पर रिश्वत लेने के बाद पकड़े जाने को लेकर कोई शर्म नहीं थी। वह आराम से बैठे रहे।
श्योपुर/ग्वालियर/मप्र।
मध्यप्रदेश के श्योपुर जिला जेल में ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने छापामारी कार्रवाई की है। यहां जेल में 2 जेल प्रहरियों को लोकायुक्त ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वहीं दो को पूछताछ के बाद छोड़ दिया। जेलप्रहरी द्वारा यह रिश्त जेल में बंद कैदी को अच्छा खान देने और स्वजनों को मिलवाने के एवज में ली गई है। जेल प्रहरियों को जैसे ही उनके क्वाटर पर पहुंकर रिश्वत दी तो टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। एक साथ टीम के 8-10 लोगों को सिविल ड्रेस में देखकर जेल प्रहरी बौखला गए। उन्होंने टीम के लोगों के साथ धक्कामुक्की कर दी। जिस समय धक्कमुक्की हुई, उस समय दो जेल प्रहरी और साथ में थे। लोकायुक्त की टीम चारों लोगों को पकड़कर कोतवाली ले आई, लेकिन दो प्रहरी को पूछताछ कर छोड़ दिया। लोकायुक्त टीम की इस कार्रवाई से जेल के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,डब्बू शर्मा जिला भिंड 302 का मुजरिम होने के बाद श्योपुर जिला जेल में सजा काट रहा है। जिसके खाने और रहने की व्यवस्था स्पेशल करने के नाम पर कैदी के भतीजे सूरज से 20 हजार रुपए प्रति माह रुपए जेल प्रहरियों ने मांग की थी। जिसकी डील 15 हजार रुपए में तय हुई थी। डील तय होने के बाद फरियादी सूरज शर्मा ने मामले की शिकायत लोकायुक्त अधीक्षक ग्वालियर से की। शिकायत पर 12 सदस्यीय टीम ने केमिकल लगे 15 हजार रुपए सूरज के हाथ में थमा दिए। गुरुवार दोपहर सूरज शर्मा 15 हजार रुपए लेकर जेल प्रहरी बंटी मीणा व बालमुकुंद शर्मा के सरकारी आवास पर पहुंच गया। जैसे ही सूरज ने श्योपुर जेल परिसर में स्टाफ क्वार्टर में प्रहरियों को राशि दी
वैसे ही लोकायुक्त टीम ने आरोपी प्रहरियों को रंगे हाथों दबोचा लिया। तलाशी लेने पर जेल प्रहरी बंटी की जेब से 10 हजार और बालमुकुंद की जेब से 5 हजार रुपये मिले। लोकायुक्त पुलिस ने जब प्रहरियों के हाथ
धुलवाए तो वो केमिकल लगे नोटों के कारण गुलाबी हो गए। लोकायुक्त DSP धर्मबीर सिंह भदौरिया ने बताया कि भिंड के रहने वाले सूरज शर्मा ने शिकायत की थी कि उसके चाचा जिला जेल में बंद हैं। उनके खाने रहने की अच्छी व्यवस्था के लिए 20 हजार रुपए प्रति माह की प्रहरियों ने मांग की है। जिसे लेकर हमने मामले की तफ्तीश के लिए वॉइस रिकॉर्ड फरियादी को दिया गया जिसमें उनकी आवाज रेकॉर्ड होने के बाद आज दो आरोपियों को 15 हजार रंगे हाथ गिरफ्तार किए हैं। वहीं दो लोगों को लोकायुक्त की टीम से अभ्रदता करने पर गिरफ्तार किया गया। जिनसे पूछताछ ते बाद छोड़ दिया गया है।
इनका कहना
डीएसपी लोकायुक्त ग्वालियर धर्मवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि जेल के दो प्रहरियों को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा है। दो अन्य प्रहरियों ने हमारी टीम से धक्कामुक्की की, लेकिन उनको गलतफहमी हो गई थी। इसलिए उन पर कोई कार्रवाई नही की। बाकी रिश्वत लेने वाले दोनों प्रहरियों को गिरफ्तार कर लिया है।
