गौरतलब है कि एसपी मनु व्यास ने बताया कि शोभा चौहान का शिकायती आवेदन में नाम है। पीड़ित ने लोकायुक्त को बताया था कि शोभा के इशारे पर ही उनका चपरासी रिश्वत मांग रहा था। इसलिए शोभा के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। एसपी ने बताया कि शोभा के खिलाफ साक्ष्य एकत्रित करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल/मध्यप्रदेश।
लोकायुक्त पुलिस भोपाल ने सतपुड़ा भवन भोपाल स्थित संभागीय पेंशन कार्यालय में संभागीय पेंशन अधिकारी के भृत्य (चपरासी) हरिमोहन शाक्यवार को 4 हजार रुपए की रिश्वत के साथ रंगे हाथों पकड़ा गया है। वह नगर निगम की मल्टी में रहता है। चपरासी कोष एवं लेखा शाखा प्रभारी के इशारे पर रिश्वत की मांग की थी। लोकायुक्त पुलिस लेखा शाखा की प्रभारी शोभा चौहान की भूमिका की जांच कर रही है। रिश्वत की मांग मार्च 2021 में लोकायुक्त कार्यालय भोपाल से रिटायर्ड हुए क्लर्क से मांगी गई थी। इसकी शिकायत कर्मचारी ने लोकायुक्त एसपी से की थी।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,लोकायुक्त एसपी मनु व्यास ने बताया कि टीला जमालपुरा निवासी राम शंकर साहू लोकायुक्त कार्यालय भोपाल से 31 मार्च को रिटायर हुए हैं। उनका पेंशन प्रकरण कोष एवं लेखा शाखा सतपुड़ा भवन भोपाल में पेंडिंग है। जहां से बार-बार आपत्ति लगा कर कार्यालय वापस भेज दिया जाता है। इस पर राम शंकर ने कोष एवं लेखा शाखा में संपर्क किया। जहां, वे शाखा प्रभारी शोभा चौहान से मिले। शोभा ने राम शंकर को इशारा से उनके चपरासी हरी से मिलने को कहा। हरी ने उन्हें खर्चा पानी का बोला। हरी ने उन्हें 13 सितंबर को मिलने के लिए बुलाया।
13 को वह पहुंचकर हरी से मिले। उसने कहा कि 4 हजार रुपए में काम हो जाएगा। शुक्रवार को रिश्वत की रकम देने के लिए हरी ने उन्हें सतपुड़ा भवन में बुलाया। वह चार हजार रुपए लेकर हरी को देने पहुंचे। जैसे ही रकम हरी ने ली उसी दौरान लोकायुक्त की टीम ने उसे दबोच लिया।
