बता दें कि पीड़िता की तहरीर पर दस पुलिसकर्मियों समेत 12 के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इनमें पूर्व कोतवाल, महिला थाने की पूर्व प्रभारी, तीन दरोगा, पांच सिपाही, कानूनगो व लेखपाल शामिल हैं।
बस्ती/उत्तरप्रदेश।
आशिक मिजाज दरोगा की गलती को नजर अंदाज कर पीड़ित युवती की शिकायत को हल्के में लेना बस्ती के पुलिस अधीक्षक पर भारी पड़ गया। योगी सरकार ने बस्ती के पुलिस अधीक्षक हेमराज मीणा को हटाकर उनकी जगह पर आशीष श्रीवास्तव को बस्ती का नया एसपी नियुक्त कर दिया। बस्ती में आशिक मिजाज दरोगा दीपक सिंह की हरकतों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। और लापरवाही के आरोप में तत्कालीन सीओ गिरीश सिंह को निलंबित कर दिया गया। मामले में शासन ने 10 पुलिसकर्मियों समेत 12 के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं, रविवार को अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र सिंह का तबादला कर दिया गया।
क्या था पूरा मामला
प्राप्तजानकारी के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान बिना मास्क लगाई एक लड़की को कोतवाली क्षेत्र की चौकी सोनूपार के इंचार्ज दीपक सिंह ने रोका और चालान न करने के एवज में उसका मोबाइल नंबर मांगा। लड़की ने आनाकानी की तो रौब दिखाकर नंबर ले लिया।
इसके बाद दरोगा युवती को अश्लील मैसेज भेजने लगा। विरोध करने में उसने फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इसी बीच, युवती के गांव में चकरोड के लिए विवाद हो गया। इस मामले में ग्रामीणों ने दरोगा को बंधक बना लिया था। ग्रामीणों के साथ ही युवती के परिवार वालों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया।
युवती ने अश्लील मैसेज प्रकरण की जानकारी देते हुए दरोगा द्वारा फर्जी मुकदमे में फंसाने की शिकायत की। जांच में लगाए गए आरोपों को गलत बताया गया। हालांकि दरोगा को बैड इंट्री देकर कुशीनगर एयरपोर्ट पर तैनात कर दिया गया। दरोगा के भाई का भी बस्ती से तबादला हो गया।
इसके बाद युवती ने एक-एक कर परिवार पर चार फर्जी मुकदमे दर्ज करने की शिकायत की। सुनवाई नहीं होने पर वह सीएम और राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष से मिली। मुख्यमंत्री और महिला आयोग के आदेश पर प्रमुख सचिव गृह ने मामले की जांच का निर्देश दिया था।
SP की जांच में दोषमुक्त निकला था दरोगा
पीड़िता ने इस संबंध में जिले के सभी बड़े अधिकारियों से दरोगा की शिकायत की। लेकिन मामले को रफा-दफा कर दिया गया। आखिरकार लड़की ने सुसाइड करने की धमकी तो एसपी हेमराज मीणा ने एएसपी स्तर के अधिकारी से जांच कराई। जांच में लड़की के आरोपों को झूठ करार दे दिया। हालांकि दरोगा दीपक सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया। वर्तमान में दरोगा दीपक सिंह कुशीनगर एयरपोर्ट पर अटैच है। एसपी ने कहा था कि पोखरभिटवा गांव में बीते साल जून माह में भूमि विवाद में एक घटना हुई थी। उस समय वहां पर लोगों ने सरकारी काम में बाधा डाली थी। उस समय वहां दरोगा दीपक सिंह थे। उनको और राजस्व टीम को गांव के लोगों ने बंधक बना लियया था। जिसके बाद केस दर्ज हुए थे।
इन पर दर्ज हुए केस
पीड़िता की तहरीर पर पीड़िता की तहरीर पर मुख्य आरोपित दरोगा दीपक सिंह, उसके भाई दरोगा राजन सिंह, पूर्व कोतवाल रामपाल यादव, पूर्व महिला थाना प्रभारी शीला यादव, दरोगा अभिषेक सिंह, कानूनगो सतीश, लेखपाल शालिनी सिंह, आरक्षी पवन कुशवाहा, आलोक कुमार, संजय कुमार, दीक्षा यादव, नीलम सिंह पर केस दर्ज हुआ है। नवागत एसपी आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि मामले की उच्चस्तरीय जांच हो रही है। नामजद पुलिसकर्मियों को निलंबित करते हुए लाइन हाजिर कर दिया गया है।
