ग्वालियर/मध्यप्रदेश।
कहतें हैं समय बड़ा बलवान कल तक जिस एसपी के नाम से बड़े-बड़े भ्रष्टाचारियों और अपराधियों के पशीने छूटते थे पर समय का खेल तो देखों की आज उन्हें न्याय प्राप्त करने के लिए दर-दर भटना पड़ रहा है। आज उन्ही का डिपार्टमेंट उनकी फरियाद सुनने में इतनी देर कर रहा है तो आम जनता का तो भगवान ही मालिक है। दरअसल,मध्यप्रदेश में दबंगों के हौसलें गंदी राजनीति के चलते इतने बुलंद हैं कि वे अब अपने रसूख के सामने किसी को कुछ भी नहीं समझते। ग्वालियर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें कुछ ताकतवर लोगों ने एक रिटायर्ड पुलिस अधीक्षक के साथ 35 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर दी। रिटायर्ड पुलिस अधीक्षक के मुताबिक धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति कांग्रेस का महासचिव है। उन्होंने कई बार पैसे मांगे लेकिन उसने पैसे देने से इंकार कर दिया और जान से मारने की धमकी भी दी। रिटायर्ड पुलिस अधीक्षक (SP) ने घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है। यूनिवर्सिटी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी,अमानत में ख्यानत व धमकाने का मामला दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार,ग्वालियर के बलवंत नगर में रहने वाले ओमप्रकाश मित्तल EOW के रिटायर्ड पुलिस अधीक्षक (SP) हैं। 9 वर्ष पूर्व वह ग्वालियर से ही रिटायर्ड हुए हैं। उन्होंने विश्व विद्यालय थाने में छतरपुर के कांग्रेस नेता राजकुमार पटेल और उसके भाई सुरेंद्र पटेल के खिलाफ 35 लाख रुपए की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि छतरपुर के चंदला से BJP विधायक राजेश प्रजापति के माध्यम से उनके बेटे की पहचान 2017 में कांग्रेस के नेता राजकुमार पटेल से हुई थी। उनके बेटे ने विधायक राजेश प्रजापति के कहने पर कांग्रेस नेता राजकुमार पटेल के साथ रेत खदान के लिए फर्म बनाई जिसमें वो भी पार्टनर थे।
2018 में फर्म बनने के बाद कांग्रेस नेता राजकुमार पटेल ने कहा कि टेंडर खुलने वाले हैं अभी फर्म के नाम से खाता नहीं है आप लोग मेरे निजी खाते में पैसा जमा करा दीजिये बाद में पैसे फर्म के एकाउंट में ट्रांसफर कर देंगे। रिटायर्ड एसपी (SP) ओमप्रकाश मित्तल और उनके बेटे पीयूष मित्तल ने राजकुमार पटेल की बात पर भरोसा कर उसके खाते में 35 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। उन्होंने कहा कि ये वैसे उन्होंने अपने बड़े बेटे, छोटे बेटे, खुद और विधायक राजेश प्रजापति से लेकर जमा कराये थे। लेकिन पैसे आते ही कांग्रेस नेता राजकुमार पटेल की नीयत बदल गई उसने टेंडर दूसरी फर्म के नाम से ले लिया जब रिटायर्ड एसपी (SP) के बेटे पियूष और और खुद रिटायर्ड एसपी ने कांग्रेस नेता राजकुमार पटेल से पैसे मांगे तो उसने दबंगई दिखाते हुए उन्हें पैसे देने से इंकार कर दिया साथ ही जान से मारने की उन्हें धमकी दी।
छतरपुर पुलिस अधीक्षक पर भी मिलीभगत के आरोप

रिटायर्ड एसपी (SP) ओमप्रकाश मित्तल ने धोखाधड़ी की शिकायत छतरपुर एसपी से की लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। वे लगातार छतरपुर पुलिस के चक्कर काटते रहे। लेकिन कांग्रेस नेता राजकुमार पटेल के रसूख के आगे छतरपुर पुलिस उनकी मदद करने में आगे नहीं आई। रिटायर्ड एसपी (SP) ओमप्रकाश मित्तल ने छतरपुर पुलिस अधीक्षक पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। चार साल तक परेशान होने के बाद रिटायर्ड एसपी (SP) ओमप्रकाश मित्तल ने ग्वालियर पुलिस से मदद मांगी। ग्वालियर की विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने रिटायर्ड एसपी (SP) ओमप्रकाश मित्तल की शिकायत पर आरोपी कांग्रेस नेता राजकुमार पटेल और उसके भाई सुरेंद्र पटेल के खिलाफ 420 सी के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
