बता दें कि महिला पुलिस अधिकारी आद्रियाना भगत तबियत बिगड़ने पर पति को लेकर अस्पतालों के चक्कर काटती रही, ना बेड मिला ना ऑक्सीजन, जब इलाज करने के लिए वो अस्पताल में चीख-चीख कर डॉक्टरों से मदद की भीख मांग रही थी, तभी अचानक अस्पताल के फर्श पर ही उसके उनके पति की सांसे टूट गईं। घटना मध्यप्रदेश के अशोक नगर जिले की है, महिला एसआई के मृत पति का नाम कमलेश भगत है। महिला SI के पति मुंगावली में पटवारी थे।
अशोकनगर/ मध्यप्रदेश।
मध्यप्रदेश के अस्पतालों में कोरोना मरीजों को बेड और ऑक्सिजन के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। कोरोना की जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी भी इस काल में इलाज के लिए लाचार नजर आ रहे हैं। एमपी के अशोकनगर जिले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देख कलेजा कांप जाएगा। कोरोना ड्यूटी में तैनात पटवारी की अस्पताल में मौत हो गई है। सब इंस्पेक्टर पत्नी शव के पास बैठकर बच्चों के साथ बिलख रही है।
देश की रक्षा करने वालों की खाकी वर्दी पहने महिला सब इंस्पेक्टर हैं, जिनके बदन से लिपटकर बिलख बिलख के रोने वाले उन्हीं के दोनों बच्चे हैं। उनके सामने फर्श पर पड़ी लाश उनके पति की है, जो पेश से खुद भी पटवारी थे और मुंगावाली कंटेनमेंट जोन के प्रभारी थे। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों के सामने आने के बाद लिखा जा रहा है कि, वक्त भी क्या कुछ दिखा रहा “देखो” खाखी का फर्ज निभाने की कीमत, इसने अपने पति की जान और अपने बच्चो को अनाथ करके चुकाई है।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,मध्य प्रदेश के अशोकनगर के चंदेरी थाने में पदस्थ महिला SI आद्रियाना भगत के पति कमलेश भगत पिछले कुछ दिनों से बीमार थे। तबीयत अधिक बिगड़ने पर महिला एसआई स्वयं ही रात करीब 12.30 बजे उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंची। इस दौरान उनके साथ उन्हीं के दो बच्चे भी थे। इलाज के लिये वो बुधवार की सुबह तक चिकित्सकों और अस्पताल प्रबंधन से जुड़े लोगों से पति के इलाज की व्यवस्था करने की मांग करती रही, तो आखिरकार इलाज के अभाव में हर पल कम होती सांसों से जीवन की जद्दोजहद करने में जुटे पटवारी कमलेश भगत बुधवार की सुबह जीवन की जंग हार गए। जिला अस्पताल में मरीजों के लिए बेड न मिलने की यह दास्तां जिले के सबसे बडे राजस्व विभाग जिसके मुखिया कलेक्टर है उनके ही विभाग के पटवारी कमलेश भगत और दूसरे क्रम पर पुलिस विभाग जिसके मुखिया पुलिस अधीक्षक है उनके ही विभाग की महिला एसआई के साथ यह वाक्या गुजरा है।
महिला एसआई का आरोप इलाज के अभाव में हुई मौत
वो पति का शव जमीन पर लिए रोती रही, बावजूद इसके उनकी सुध लेने वाला वहां कोई जिम्मेदार नहीं था। रोते-रोते उऩ्होंने बताया कि, यहां न ऑक्सीजन मिला, न बेड। मैं कहती रही कि इन्हें वेंटीलेटर दे दो। इनका ऑक्सीजन कम आ रहा था, लेकिन बात करना तो दूर की बात किसी ने हम पर ध्यान तक नहीं दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रात में मरीज को किसी ने ठीक से देखा तक नहीं। इलाज के अभाव में उनकी मौत हुई है।
आमजन का तो भगवान ही मालिक
जिला अस्पताल की व्यवस्थाएं इस कदर बद से बदतर हैं कि, खाकी पहने महिला SI अपने दो बच्चों के साथ पति का शव के सामने अस्पताल के फर्श पर बेठी रोती रही, बावजूद इसके अस्पताल प्रबंधन की तरफ से कोई भी आश्वासन का हाथ उस तक नहीं आया। गौर करने वाली बात ये है कि, जब खाकी वर्दी पहने महिला के लिये अस्पताल का रवैय्या इतना चौंकाने वाला रहा, तो फिर अस्पताल में आमजन की क्या दुर्गति होती होगी।
