बता दें कि लोकायुक्त पुलिस शिकायत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया और वही लोकायुक्त टीम के कहे मुताबिक पीड़ित ने आरक्षकों से रिश्वत देने की बात कही जहां आरक्षकों ने पुलिस चौकी नौडिहवा थाना गढ़वा में आने को कहा और वही आजाद प्रसाद ने जैसे ही रिश्वत की रकम 10 हजार रुपयें आरक्षकों को दी और पहले से घात लगायें और बैठी लोकायुक्त पुलिस ने आरक्षक अनूप यादव को 10 हज़ार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
सिंगरौली/रीवा/मध्यप्रदेश।
लोकायुक्त पुलिस द्वारा लगातार भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा रही है।
बावजूद इसके रिश्वतखोरी पर लगाम नहीं लग रही है थाने और चौकियों में खुलेआम रिश्वत का खेल चल रहा है।
आज मंगलवार को सिंगरौली जिले में एक बार फिर लोकायुक्त पुलिस ने पहुंचकर एक कांस्टेबल व उसके सहयोगी एक अन्य कान्स्टेबल पर ट्रैप की कार्यवाही की है।
दरअसल,लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम ने पुलिस चौकी में बेख़ौफ़ रिश्वत ले रहे पुलिस आरक्षक को रंगे हाथ पकड़ा है, पुलिस गई तो दो आरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई करने लेकिन एक आरक्षक मौका देखकर लोकायुक्त टीम को चकमा दे गया और भाग गया,
इधर रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने के बाद एसपी मोहम्मद यूसुफ कुर्रेशी ने आरक्षक अनूप यादव के अलावा उसके साथी संजीत यादव और गढ़वा थाना टीआई आर पी रावत को निलंबित कर दिया है।
वही रिश्वतखोरी के इस मामले को ट्रेपकर्ता अधिकारी उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार,ट्रेप दल के सदस्य निरिक्षक प्रमेंद्र कुमार सहित 12 सदस्यीय दल ने की हैं।
क्या है पूरा मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार,शिकायतकर्ता आजाद प्रसाद निवासी ग्राम तमई जिला सिंगरौली का है और मजदूरी करकर अपने घर परिवार का भरण पोषण करता है ने
रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज करायी थी कि गांव की एक महिला द्वारा की गयी कि रिपोर्ट पर एफआईआर न दर्ज करने के एवज में 1 लाख रूपये की रिश्वत मांगी गयी थी। पीड़ित के निवेदन पर सौदा 30 हजार रूपये में तय हुआ था।
जिसमें शिकायतकर्ता से 24 जून 2023 को 10 हज़ार ले लिए गए थे और रिश्वत की दूसरी किस्त 10 हज़ार लेते हुए प्रधान आरक्षक अनूप यादव को पुलिस चौकी नौडिहवा से रंगे हाथों लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा है इस कार्यवाही में आरक्षक संजीत यादव की संलिप्तता पाए जाने पर भ्रष्टाचार अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है आगे की कार्यवाही जारी है।
इनका कहना
लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वतखोर आरक्षक अनूप यादव को गिरफ्तार करते हुए जब हाथ धुलवाए तो उसके हाथ गुलाबी हो गये। लोकायुक्त उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह ने बताया कि आरक्षक अनूप यादव, संजीत यादव हैं और दोनों आरक्षक गढ़वा थाने में आरक्षक पद पर पदस्थ हैं जिन्हें रिश्वत लेते पकड़ा गया है और फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज करते हुए कार्यवाही शुरू कर दी है।
